होटल के गेट पर रेटिंग और QR कोड! वरुण सरदेसाई ने FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे के सामने रखीं ये 4 बड़ी मांगें

Varun Sardesai On FDA: वरुण सरदेसाई ने FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे को पत्र लिखकर खाद्य सुरक्षा को लेकर 4 बड़े सुझाव दिए हैं, जिसमें होटलों के गेट पर हाइजीन रेटिंग और QR कोड लगाना शामिल है।
varun sardesai letter to tukaram mundhe for hotel rating and qr code
वरुण सरदेसाई और तुकाराम मुंढे (सोर्स: सोशल मीडिया)
Updated on

Varun Sardesai Letter To Tukaram Mundhe: महाराष्ट्र के प्रशासनिक गलियारों में सिंघम के नाम से मशहूर तुकाराम मुंढे अपनी बेहद सख्त और ईमानदार कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में उन्होंने खाद्य एवं औषधि प्रशासन के कमिश्नर के रूप में पदभार संभाला है। पद संभालते ही मुंढे ने मिलावटखोरों और नियमों की अनदेखी करने वाले खाद्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ ऐसी जबरदस्त मुहिम छेड़ी है कि पूरे राज्य में मिलावट करने वालों के नाक में दम हो गया है। मुंढे की इस जीरो-टोलरेंस नीति ने जनता के बीच एक नया विश्वास जगाया है।

इसी प्रशासनिक सक्रियता के बीच, शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट के युवा नेता और विधायक वरुण सरदेसाई ने कमिश्नर मुंढे को एक महत्वपूर्ण पत्र भेजा है। इस पत्र में उन्होंने महाराष्ट्र में खाद्य सुरक्षा और पारदर्शिता को लेकर एक विस्तृत रोडमैप पेश किया है, जिसका उद्देश्य आम नागरिकों को उनके स्वास्थ्य के प्रति अधिक जागरूक और सशक्त बनाना है।

खाद्य सुरक्षा हर नागरिक का अधिकार है

वरुण सरदेसाई ने अपने पत्र में इस बात पर जोर दिया है कि खाद्य सुरक्षा हर नागरिक का अधिकार है, विशेषाधिकार नहीं। उन्होंने कहा कि हालांकि एफडीए नियमित रूप से निरीक्षण और कार्रवाई करता है, लेकिन इसके परिणाम अक्सर आम जनता की पहुंच से बाहर रहते हैं। उपभोक्ता अक्सर उन होटलों और रेस्तरां के स्वच्छता रिकॉर्ड या अनुपालन स्थिति से अनजान रहते हैं जहाँ वे खाना खाते हैं। पारदर्शिता बढ़ाने से न केवल उपभोक्ता सही चुनाव कर सकेंगे, बल्कि यह प्रतिष्ठानों को उच्च मानक बनाए रखने के लिए भी प्रोत्साहित करेगा।

हाइजीन रेटिंग का प्रदर्शन

ठाकरे गुट नेता सरदेसाई ने सुझाव दिया है कि रेस्तरां के प्रवेश द्वार पर ही उनकी स्वच्छता रेटिंग (जैसे 1-5 सितारे या A-E ग्रेड) प्रदर्शित करना अनिवार्य किया जाना चाहिए। इससे ग्राहक होटल के अंदर कदम रखने से पहले ही उसकी गुणवत्ता का अंदाजा लगा सकेंगे।

अनिवार्य QR कोड

उन्होंने प्रस्ताव दिया है कि FSSAI लाइसेंस के साथ एक QR कोड भी प्रदर्शित किया जाए। इसे स्कैन करते ही ग्राहकों को उस प्रतिष्ठान के निरीक्षण का इतिहास, लाइसेंस की वैधता और यदि कोई दंडात्मक कार्रवाई हुई है, तो उसकी पूरी जानकारी तुरंत मोबाइल पर मिल जाएगी।

सार्वजनिक ऑनलाइन पोर्टल की मांग

वरुण सरदेसाई ने FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे को लिखे पत्र में एक ऐसे ऑनलाइन पोर्टल की मांग की गई है जहाँ नागरिक किसी भी रेस्तरां के बारे में सर्च कर सकें और वहां की निरीक्षण रिपोर्ट, खाद्य सुरक्षा उल्लंघन और किए गए सुधारात्मक कार्यों को देख सकें।

उल्लंघनकर्ताओं की सूची का प्रकाशन

सरदेसाई ने सलाह दी है कि खाद्य सुरक्षा नियमों का बार-बार उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों की समय-समय पर एक सार्वजनिक सूची प्रकाशित की जानी चाहिए। इससे जवाबदेही बढ़ेगी और अन्य प्रतिष्ठानों के लिए यह एक कड़ी चेतावनी का काम करेगा।

वरुण सरदेसाई का मानना है कि एक जागरूक उपभोक्ता ही बेहतर मानकों का सबसे बड़ा प्रेरक होता है। उनका कहना है कि ये उपाय खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के मौजूदा ढांचे को मजबूती देंगे और महाराष्ट्र के खाद्य सुरक्षा तंत्र में जनता के विश्वास को और गहरा करेंगे। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि 'सिंघम' तुकाराम मुंढे इन सुझावों पर किस तरह से अमल करते हैं और महाराष्ट्र के होटल उद्योग में पारदर्शिता का नया दौर कब शुरू होता है।

Navbharat Live
navbharatlive.com