

Valsad Railway Secondary School: भारत में रेलवे का इतिहास लगभग 170 साल पुराना है। 16 अप्रैल 1853 को पहली रेल तत्कालीन मुंबई बोरीबंदर से ठाणे के बीच चली थी।
भारतीय रेलवे ने ट्रेन परिचालन साथ साथ अपने कर्मियों और उनके बच्चों के लिए अनेक स्कूल एवं अस्पताल भी खोले।
उन्ही में से एक है,पश्चिम रेलवे सेकेंडरी स्कूल (अंग्रेजी माध्यम), वलसाड जो गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की 107 वर्ष पुरानी विरासत को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों, तकनीक और बेहतर बुनियादी सुविधाओं के साथ आगे बढ़ा रहा है।
वर्ष 1919 में ‘रेलवे एंग्लो इंडियन स्टडी सेंटर, बुलसर’ के रूप में तीन कमरों की इमारत में शुरू हुआ यह संस्थान अब जूनियर केजी से दसवीं कक्षा तक शिक्षा प्रदान करने वाला सुव्यवस्थित विद्यालय बन चुका है।
पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक के अनुसार, वर्तमान में स्कूल में 394 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जिनमें 287 रेलकर्मियों के बच्चे और 107 गैर-रेलवे बच्चे शामिल हैं। स्कूल में 18 शिक्षक कार्यरत हैं। वर्ष 1992 में इसे सेकेंडरी स्तर तक अपग्रेड कर ‘रेलवे सेकेंडरी स्कूल (अंग्रेजी माध्यम), वलसाड’ नाम दिया गया। अप्रैल 2015 से यहां CBSE पाठ्यक्रम लागू है, जबकि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत 2024 में जूनियर केजी कक्षाएं शुरू की गईं।
स्कूल ने शैक्षणिक सत्र 2021-22 से 2025-26 तक लगातार पांच वर्षों में दसवीं बोर्ड परीक्षा में 100 प्रतिशत परिणाम हासिल किया है। सत्र 2025-26 में 22 विद्यार्थियों ने IIT मद्रास स्कूल कनेक्ट कार्यक्रम के प्रमाणपत्र पाठ्यक्रमों में भाग लिया और सभी ने इसे सफलतापूर्वक पूरा किया। इनमें तीन विद्यार्थियों ने 100 में से 100 अंक हासिल किए।
स्कूल में इंटरएक्टिव स्मार्ट बोर्ड, 30 कंप्यूटरों की प्रयोगशाला, कम्पोजिट विज्ञान प्रयोगशाला, 1,700 से अधिक पुस्तकों का पुस्तकालय, इंटरनेट सुविधा और CCTV निगरानी जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए जीवन कौशल, नेतृत्व, डिजिटल एवं वित्तीय साक्षरता, करियर जागरूकता और उद्यमिता से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं।
स्काउट्स एंड गाइड्स, खेलकूद और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में भी विद्यार्थियों ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। 43 विद्यार्थियों ने द्वितीय सोपान और 13 ने तृतीय सोपान पूरा किया है, जबकि चार विद्यार्थियों को राज्य पुरस्कार मिला है। कराटे, बॉक्सिंग, डिस्कस थ्रो और एथलेटिक्स में विद्यार्थियों ने राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर स्कूल का प्रतिनिधित्व किया है।
स्कूल के विस्तार के तहत हायर सेकेंडरी कक्षाओं के लिए नई इमारत का निर्माण किया जा रहा है। इसमें भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान की प्रयोगशालाओं के साथ कक्षाएं और सभा हॉल होंगे। भविष्य में स्कूल को हायर सेकेंडरी स्तर तक विस्तारित कर तीनों संकाय शुरू करने का प्रस्ताव है। साथ ही, ‘पीएम श्री स्कूल’ पहल के तहत शामिल किए जाने की प्रक्रिया भी चल रही है।