

University of Western Australia Opens First India Campus: महाराष्ट्र को वैश्विक स्तर पर ज्ञान, नवाचार, तकनीक और प्रतिभा के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। ऑस्ट्रेलिया के प्रतिष्ठित 'ग्रुप ऑफ एट' विश्वविद्यालयों में शामिल युनिव्हर्सिटी ऑफ वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया (UWA) ने भारत में अपना पहला कैंपस मुंबई में शुरू किया है। इस अत्याधुनिक 'यूडब्ल्यूए इंडिया, मुंबई कैंपस' का भव्य उद्घाटन महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने किया। और वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के प्रीमियर रॉजर कूक की उपस्थिति में संपन्न हुआ।
इस असवर पर वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के प्रीमियर रोजर कुक, UWA की चांसलर डॉ. डायन स्मिथ-गैंडर, वाइस-चांसलर प्रो. अमित चकमा के साथ-साथ यूनिवर्सिटी के अधिकारी, फैकल्टी सदस्य, छात्र और गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे। इस साझेदारी को भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच शैक्षणिक तथा अनुसंधान क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र के लिए यह गर्व की बात है कि ऑस्ट्रेलिया की एक प्रमुख रिसर्च-केंद्रित यूनिवर्सिटी, UWA ने भारत में अपना पहला कैंपस मुंबई में खोलने का फैसला किया है। UWA ऑस्ट्रेलिया की प्रतिष्ठित ‘ग्रुप ऑफ एट’ (Group of Eight) यूनिवर्सिटीज में से भारत में कैंपस शुरू करने वाली पहली यूनिवर्सिटी बन गई है।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि मुंबई देश की फाइनेंशियल, कमर्शियल और एंटरटेनमेंट राजधानी तो है ही, साथ ही राज्य सरकार का लक्ष्य इसे आने वाली पीढ़ियों के लिए ज्ञान और इनोवेशन के ग्लोबल हब के तौर पर विकसित करना है। उन्होंने बताया कि इसके लिए शहर के पास बन रहे ‘मुंबई 3.0’ प्रोजेक्ट के तहत एजुकेशन सिटी, मेडी-सिटी, इनोवेशन सिटी, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर इकोसिस्टम और रिसर्च व इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट के लिए नए सेंटर जैसी सुविधाएं बनाई जा रही हैं।
नई शिक्षा नीति 2020 ने भारत के हायर एजुकेशन सेक्टर में बड़े बदलाव किए हैं और इंटरनेशनल एकेडमिक सहयोग के नए रास्ते खोले हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले भारतीय छात्रों को हायर एजुकेशन के लिए विदेश जाना पड़ता था, लेकिन अब दुनिया की जानी-मानी यूनिवर्सिटीज भारत में अपनी मौजूदगी बना रही हैं, और इसमें महाराष्ट्र सबसे आगे है।
सीएम फडणवीस ने बताया कि UWA मुंबई कैंपस के छात्रों को वर्ल्ड-क्लास एकेडमिक माहौल मिलेगा और वे बड़े फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस, मल्टीनेशनल कंपनियों, टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री, स्टार्टअप्स, रिसर्चर्स और एंटरप्रेन्योर्स वाले इकोसिस्टम से सीधे जुड़ सकेंगे। मुख्यमंत्री फडणवीस ने यह उम्मीद भी जताई कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी, हेल्थकेयर, क्रिटिकल मिनरल्स, क्लीन एनर्जी, सस्टेनेबल डेवलपमेंट और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी जैसे सेक्टर में जॉइंट रिसर्च और एकेडमिक सहयोग बढ़ेगा।
वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के पास बेहतरीन क्षमताएं हैं, जबकि महाराष्ट्र में भरपूर टैलेंट और मौके मौजूद हैं। इसलिए, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भरोसा है कि इन दोनों क्षेत्रों के बीच नॉलेज-बेस्ड पार्टनरशिप भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों का एक मजबूत आधार बन सकती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि महाराष्ट्र सरकार इस पार्टनरशिप को बढ़ावा देने में पूरा सहयोग करेगी, क्योंकि UWA राज्य की दूरदर्शी विकास यात्रा का एक पार्टनर बन गया है।
वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के प्रीमियर रोजर कुक ने मुंबई में UWA कैंपस के उद्घाटन को वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया और भारत, खासकर महाराष्ट्र के बीच संबंधों में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि पिछले 30 सालों से मुंबई, भारत के साथ वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के जुड़ाव का केंद्र रहा है, जिससे शिक्षा, रिसर्च, टेक्नोलॉजी, इंडस्ट्री और लोगों के बीच आपसी संबंधों में मजबूत साझेदारी बनी है।
रोजर कुक ने भरोसा जताया कि UWA मुंबई कैंपस भारतीय छात्रों के लिए ग्लोबल शिक्षा, रिसर्च, इंडस्ट्री के साथ सहयोग और इंटरनेशनल करियर जैसे नए मौके खोलेगा, साथ ही ज्ञान, इनोवेशन और स्किल डेवलपमेंट के क्षेत्रों में भारत और वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के बीच सहयोग को और मजबूत करेगा।
चांसलर डॉ. डायन स्मिथ-गैंडर ने बताया कि मुंबई और चेन्नई कैंपस के लिए लगभग 80 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का निवेश किया गया है, जो भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों को और गहरा करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि UWA का मकसद उच्च शिक्षा के जरिए ज्ञान, अवसर और ग्लोबल कनेक्शन बनाना है, ताकि भारत में छात्रों की अगली पीढ़ी को अच्छी शिक्षा के नए रास्ते मिल सकें।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने UWA के मुंबई कैंपस को स्थापित करने के लिए पिछले कुछ दिनों में की गई कोशिशों का जिक्र किया। तीन भारतीय छात्रों के लिए यूनिवर्सिटी की 100% स्कॉलरशिप की घोषणा का स्वागत करते हुए, उन्होंने कहा कि इस पहल से छात्रों को विदेश में पढ़ाई से जुड़े विदेशी मुद्रा खर्चों को बचाने में मदद मिलेगी, जबकि यूनिवर्सिटी की रिसर्च-ओरिएंटेड गतिविधियों से राज्य की अर्थव्यवस्था को फायदा होगा।
सीएम फडणवीस ने एक एजुकेशन सिटी के विकास के बारे में भी जानकारी दी, जहां राज्य की विभिन्न यूनिवर्सिटीज के कैंपस स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि भविष्य में वहां लगभग एक लाख छात्रों के पढ़ाई करने की उम्मीद है।