

Supriya Sule Support Uddhav Thackeray: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ी हलचल शुरू हो गई है। राज्य विधान परिषद (MLC) की 10 सीटों (9 नियमित और 1 उपचुनाव) के लिए बिगुल बज चुका है, और इस बार सबसे अधिक चर्चा शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे के नाम को लेकर हो रही है। महा विकास अघाड़ी (MVA) के भीतर से यह मांग उठ रही है कि उद्धव ठाकरे स्वयं इस चुनाव में उतरें और परिषद में विपक्ष का नेतृत्व संभालें।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद चंद्र पवार) की सांसद सुप्रिया सुले ने इस संदर्भ में एक सार्वजनिक निवेदन जारी कर उद्धव ठाकरे के नाम का प्रस्ताव रखा है। सुले ने अपने ट्वीट में ठाकरे को राज्य का एक अनुभवी और वरिष्ठ नेता बताते हुए कहा कि उनकी उपस्थिति विधानमंडल के लिए लाभदायक सिद्ध होगी। दिलचस्प बात यह है कि सुप्रिया सुले ने शिवसेना के किसी अन्य नेता के बजाय विशेष रूप से केवल उद्धव ठाकरे के नाम पर जोर दिया है।
सुप्रिया सुले ने अपने संदेश में कहा, "उद्धवजी राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और एक परिपक्व राजनेता हैं। एनसीपी (एसपी) की ओर से हमारा यह विनम्र अनुरोध है कि वे इस चुनाव में सकारात्मक रूप से विचार करें। उनका अनुभव न केवल एमवीए के लिए, बल्कि पूरे महाराष्ट्र के भविष्य के लिए आवश्यक है।"
महा विकास अघाड़ी की एकता को मजबूती देते हुए कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने भी उद्धव ठाकरे के नेतृत्व पर भरोसा जताया है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सपकाल ने कहा कि उद्धव ठाकरे एमवीए का मुख्य चेहरा हैं। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट किया कि अभी तक आधिकारिक तौर पर उम्मीदवारी पर अंतिम मुहर नहीं लगी है, लेकिन कांग्रेस और एनसीपी ने उन्हें समर्थन देने की मानसिक तैयारी कर ली है।
उद्धव ठाकरे की सेवानिवृत्ति के बाद जो सीट खाली हुई है, उस पर तकनीकी रूप से शिवसेना (UBT) का पहला दावा बनता है। महा विकास अघाड़ी के पास वर्तमान संख्या बल के आधार पर एक सीट सुरक्षित है। अब गेंद उद्धव ठाकरे के पाले में है। हालांकि ठाकरे ने अभी तक अपनी चुप्पी नहीं तोड़ी है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए उद्धव ठाकरे का परिषद में बने रहना उनके कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने के लिए मास्टरस्ट्रोक साबित हो सकता है।