

Uddhav Thackeray Warns Modi Government: दिल्ली का ऐतिहासिक जंतर-मंतर मैदान एक बार फिर देश के युवाओं और छात्रों के ऐतिहासिक संघर्ष का गवाह बन रहा है। देश की सबसे प्रतिष्ठित चिकित्सा प्रवेश परीक्षा 'नीट' (NEET) के पेपर लीक होने से लाखों होनहार छात्र-छात्राओं का भविष्य पूरी तरह तबाह और अंधकारमय हो चुका है। इस व्यवस्था से पीड़ित होकर देश की नई पीढ़ी यानी 'जेनरेशन जेड' (GenZ) चिलचिलाती और झुलसाने वाली धूप में अपने अधिकारों और न्याय के लिए सड़कों पर उतर आई है। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने दुख जताते हुए कहा कि जिन युवाओं को हम देश का सुनहरी भविष्य और भाग्य कहते हैं, वे आज अपने गहरे दर्द को लेकर चिंतित हैं।
ठाकरे ने सरकार को आगाह किया कि अपने हक की गुहार लगा रहे इन लाखों पीड़ित लड़के और लड़कियों की आवाज को दबाना या उन्हें नजरअंदाज करना इस सत्ता के अंत की शुरुआत साबित हो सकता है।
इस अनोखे आंदोलन के नाम के पीछे की कड़वी सच्चाई को उजागर करते हुए लेख में बताया गया कि देश की न्याय प्रणाली के शीर्ष स्तर से युवाओं के धैर्य की परीक्षा ली गई थी। एक मामले की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने आंदोलनकारी लोगों, बेरोजगार युवाओं और फर्जी डिग्री धारकों की तुलना कथित रूप से 'कॉकरोच' (तिलचट्टे) शब्द से कर दी थी। इस अपमानजनक टिप्पणी की पूरे देश में तीखी आलोचना हुई। पर्याप्त रोजगार न मिलने और पेपर लीक से परेशान देश के जागरूक युवाओं ने इसी अपमान को अपनी प्रेरणा बना लिया और सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी की छात्र-विरोधी नीतियों के खिलाफ 'कॉकरोच जनता पार्टी' का गठन कर दिया।
इस अभूतपूर्व छात्र आंदोलन के मुख्य सूत्रधार और जनक अभिजीत दिपके हैं, जिन्होंने सबसे पहले डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इस नाम से एक बड़ी मुहिम की शुरुआत की थी। दिपके की इस वैचारिक लड़ाई को युवाओं का ऐसा जबरदस्त साथ मिला कि उनके इंस्टाग्राम पेज पर सिर्फ दो दिनों के भीतर 1 करोड़ (10 Million) से अधिक फॉलोअर्स का एक बेहद हैरान करने वाला डिजिटल रिकॉर्ड बन गया। यह रिकॉर्ड इतना बड़ा था कि खुद को दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी का दावा करने वाली भाजपा भी कभी सोशल मीडिया पर ऐसा जनसमर्थन हासिल नहीं कर पाई थी। शुरुआत में कई विश्लेषकों का मानना था कि यह आक्रोश केवल सोशल मीडिया की चर्चाओं तक ही सीमित रहेगा, लेकिन आज यह आंदोलन पूरी मजबूती के साथ दिल्ली की सड़कों पर उतर चुका है।
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने केंद्र की एनडीए सरकार को सीधी चेतावनी देते हुए कहा है कि लाखों पीड़ित युवाओं को कीड़े-मकौड़े या तिलचट्टा समझकर न्याय से वंचित रखने का पाप अब यह देश बर्दाश्त नहीं करेगा। लाखों छात्र आज तिलचट्टों की तरह ही इस बहरी सरकार के सामने अपने सुरक्षित भविष्य की भीख मांग रहे हैं, और सरकार को हर हाल में अपनी तानाशाही छोड़कर उनकी बात सुननी ही होगी। ठाकरे ने अंत में कहा कि जंतर-मंतर पर एकजुट हुए इन युवाओं की शक्ति को कम आंकने की गलती प्रधानमंत्री और गृह मंत्री बिल्कुल न करें, क्योंकि यह केवल एक विरोध प्रदर्शन नहीं बल्कि देश की प्रणालियों में व्याप्त अराजक शासन और गैर-जिम्मेदारी के खिलाफ एक संपूर्ण क्रांति का शंखनाद है।