मुंबई में DRI के दो अधिकारी रिश्वत लेते गिरफ्तार, संदिग्ध को बिना वारंट 10 घंटे तक रखा हिरासत में

DRI Officers Arrested For Bribery: डीआरआई के दो अधिकारी को रिश्वत के आरोप में निलंबित कर दिया है। आरोप है कि उन्होंने संदिग्ध को बिना वारंट 10 घंटे हिरासत में रखा और 50 लाख रुपये की रिश्वत मांगी।
रिश्वत लेते दो DRI अधिकारी गिरफ्तार (pic credit; social media)
रिश्वत लेते दो DRI अधिकारी गिरफ्तार (pic credit; social media)
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Two DRI Officers Arrested For Bribery: राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) के दो अधिकारियों पर रिश्वत मांगने और अवैध हिरासत का गंभीर आरोप लगा है। वरिष्ठ खुफिया अधिकारी दीपक कुमार और इंस्पेक्टर चेतन पारिख को निलंबित कर दिया गया है। आरोप है कि उन्होंने कीटनाशकों के आयात से जुड़े शुल्क चोरी के मामले में शामिल एक संदिग्ध को बिना किसी गिरफ्तारी वारंट या लुकआउट सर्कुलर के लगभग 10 घंटे तक हिरासत में रखा।

मामला 30 सितंबर का है, जब शिपिंग कंपनी के मालिक शैलेश व्यास दुबई से कोलकाता एयरपोर्ट पर पहुंचे। डीआरआई ने उन्हें हिरासत में लिया और मुंबई की अदालत में पेश किया। व्यास ने आरोपों का खंडन किया। उनकी पत्नी प्रतिभा व्यास ने डीआरआई से शिकायत की कि हिरासत के दौरान दोनों अधिकारियों ने उनसे 50 लाख रुपये की कथित रिश्वत मांगकर मामला निपटाने की बात कही।

डीआरआई के सूत्रों के अनुसार, कार्रवाई संदिग्ध की पत्नी की शिकायत के बाद की गई। अधिकारियों के खिलाफ अवैध हिरासत, रिश्वत मांगने और कदाचार के आरोप दर्ज किए गए हैं। विभाग ने तुरंत निलंबन की कार्रवाई की और मामले की जांच शुरू कर दी है।

इस घटना ने अधिकारियों की विश्वसनीयता और विभागीय पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मिली जानकारी के मुताबिक, विभाग की उच्चस्तरीय टीम इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्हें न्याय चाहिए और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला यह दिखाता है कि विभाग में सख्त निगरानी और पारदर्शिता की जरूरत है ताकि ऐसे कृत्य दोबारा न हों। डीआरआई ने निलंबन के साथ ही जांच में तेजी लाने का निर्देश दिया है।

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