

फार्मासिस्टों ने ऑनलाइन दवा बिक्री पर FDA की निगरानी को लेकर सवाल उठाए।
बिना डॉक्टर की पर्ची दवाएं बेचने और नाबालिगों तक पहुंच को लेकर चिंता जताई।
ऑनलाइन दवा कारोबार की जांच और सभी प्लेटफॉर्म पर समान कार्रवाई की मांग की।
Tukaram Munde FDA Maharashtra: महाराष्ट्र के अन्न एवं औषधि प्रशासन (FDA) आयुक्त तुकाराम मुंढे इन दिनों मिलावटखोरों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर चर्चा में हैं। इस बीच, राज्य के फार्मासिस्टों ने ऑनलाइन दवाओं की बिक्री को लेकर प्रशासन की निगरानी पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि जहां पारंपरिक मेडिकल स्टोरों पर नियमों के पालन को लेकर सख्ती की जा रही है, वहीं ऑनलाइन दवा कारोबार पर वैसी कार्रवाई दिखाई नहीं देती।
फार्मासिस्टों के मुताबिक, राज्य में ई-फार्मेसी और ऑनलाइन दवा बिक्री का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। उनका कहना है कि दवा विक्रेताओं के लिए नियमों का पालन अनिवार्य है, लेकिन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी इन नियमों का प्रभावी तरीके से पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
उनका सवाल है कि जब मेडिकल स्टोरों में फार्मासिस्ट की मौजूदगी और अन्य नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की जाती है, तो ऑनलाइन दवाएं बेचने वाली कंपनियों और प्लेटफॉर्म की निगरानी भी उसी गंभीरता से क्यों नहीं होती?
फार्मासिस्टों ने दावा किया है कि कुछ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर डॉक्टर की पर्ची के बिना भी दवाएं बेचे जाने की शिकायतें हैं। उन्होंने दवाओं की गुणवत्ता, बिक्री प्रक्रिया और नियमों के पालन की जांच की मांग की है।
उनका कहना है कि ऑनलाइन माध्यम से दवाओं की बिक्री में यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि प्रतिबंधित या पर्ची पर मिलने वाली दवाएं नियमों के विपरीत उपलब्ध न हों। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित प्लेटफॉर्म के खिलाफ किसी विशेष कार्रवाई की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
फार्मासिस्टों ने नाबालिगों तक दवाओं की पहुंच और गर्भपात में इस्तेमाल होने वाली गोलियों की बिक्री को लेकर भी निगरानी मजबूत करने की मांग की है। उनका कहना है कि दवाओं के अनुचित इस्तेमाल को रोकने और मरीजों की सुरक्षा के लिए बिक्री प्रक्रिया पर प्रभावी नियंत्रण जरूरी है।
फार्मासिस्टों का कहना है कि दवा बिक्री से जुड़े नियम सभी माध्यमों पर प्रभावी ढंग से लागू होने चाहिए। उन्होंने FDA से ऑनलाइन दवा कारोबार की निगरानी बढ़ाने और नियमों के उल्लंघन की शिकायतों की जांच करने की मांग की है।
अब इस मामले में तुकाराम मुंढे एफडीए की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर नजर रहेगी। फिलहाल, फार्मासिस्टों की शिकायतों और ऑनलाइन दवा बिक्री से जुड़े आरोपों पर प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।