

Mumbai Vidyavihar Flyover Project: मुंबई में लगातार बढ़ते ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने के लिए बीएमसी ने विद्याविहार और मानखुर्द-महाराष्ट्र नगर की दो महत्वपूर्ण फ्लाईओवर परियोजनाओं के निर्माण में तेजी लाने का फैसला किया है। विद्याविहार फ्लाईओवर को 31 अगस्त 2026 तक और मानखुर्द-महाराष्ट्र नगर फ्लाईओवर के दोनों आर्म 31 मई 2027 तक हर हाल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
इसके तहत अतिरिक्त जनशक्ति और मशीनरी का उपयोग कर निर्धारित समय सीमा में कार्य पूर्ण करने और परियोजना स्थलों पर सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
इन दोनों फ्लाईओवरों के निर्माण से सायन-पनवेल हाईवे के टी-जंक्शन पर ट्रैफिक जाम में उल्लेखनीय कमी आएगी और यातायात अधिक सुगम होगा। इसी के साथ ही विद्याविहार रेलवे स्टेशन स्थित फ्लाईओवर का निर्माणकार्य जोरों से चल रहा है। यह फ्लाईओवर लाल बहादुर शास्त्री मार्ग और रामचंद्र चेंबूरकर मार्ग को जोड़ेगा।
इसमें दो लेन हैं। इस परियोजना में फ्लाईओवर से विद्याविहार रेलवे स्टेशन के फुटओवर ब्रिज तक संपर्क मार्ग भी बनाया जा रहा है। साथ ही स्टेशन के दोनों ओर रेलवे टिकट काउंटर, स्टेशन मास्टर कार्यालय और सीढ़ियों का पुनर्निर्माण किया गया है। रेलवे क्षेत्र में सीढ़ियों के माध्यम से पैदल यात्रियों के मार्ग को सब-रोड से भी जोड़ा जा रहा है।
विद्याविहार रेलवे स्टेशन स्थित निर्माणाधीन फ्लाईओवर परियोजना का मौजूदा समय में लगभग 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। शेष 20 फीसदी कार्य 31 अगस्त 2026 तक पूरा करने का निर्देश दिया गया है। अपने दौरे में बांगर ने कहा कि फ्लाईओवर के पूर्व और पश्चिम दोनों ओर पहुंच मार्गों पर यातायात व्यवस्था का उचित नियोजन किया जाए।
इसके लिए एन वार्ड, उद्यान विभाग और यातायात पुलिस के बीच समन्वय स्थापित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि यातायात में बाधा बनने वाले अतिक्रमण, संरचनाएं, फुटपाथ और पेड़ों से संबंधित मामलों का समय रहते समाधान किया जाए, ताकि व्यस्त समय में एप्रोच रोड पर ट्रैफिक जाम न हो।
मनपा अभिजीत बांगर अतिरिक्त आयुक्त ने बाताया की अतिरिक्त जनशक्ति और 56 उपकरणों की मदद से दोनों आम का कार्य 31 मई 2027 तक पूरा किया जाएगा। परियोजना के दौरान कामगारों, कर्मचारियों और नागरिकों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक उपाय और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया। इस परियोजना के तहत महावितरण और टाटा पावर की विद्युत पारेषण लाइनों के स्थानांतरण कार्य की भी समीक्षा की।