

Mumbai Traffic Police Satyanarayan Choudhary: मायानगरी की रफ्तार को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए, मुंबई ट्रैफिक पुलिस ने एक बड़े मिशन का आगाज किया है। जॉइंट पुलिस कमिश्नर सत्यनारायण चौधरी के नेतृत्व में चलाए गए, 15 दिवसीय विशेष अभियान ने यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के बीच हड़कंप मचा दिया है। इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा को पुख्ता करना, और मुंबई की सड़कों पर अनुशासन वापस लाना है।
इस अभियान के तहत विशेष रूप से उन, डिलीवरी वाहनों और रॉन्ग साइड ड्राइविंग पर ध्यान केंद्रित किया गया है। जो सड़क दुर्घटनाओं का सबसे बड़ा कारण बनते हैं। इस कड़े अभियान के दौरान पुलिस ने सबसे ज्यादा शिकंजा डिलीवरी सर्विस से जुड़े वाहनों पर कसा। तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने वाले डिलीवरी चालकों के खिलाफ कुल 8,399 मामलों में दंडात्मक कार्रवाई की गई।
इसके साथ ही, रात के समय अन्य चालकों की आंखों में चकाचौंध पैदा करने वाली, और दृश्यता को प्रभावित करने वाली अवैध एलईडी व फ्लैशर लाइट्स के खिलाफ भी मोर्चा खोला गया है। जिसमें 6,653 मामले दर्ज किए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि सड़कों पर स्टंटबाजी या अवैध मॉडिफिकेशन को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सड़क सुरक्षा के आंकड़ों पर नजर डालें तो 4 जून, 2026 तक की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 15 दिनों में ड्रंक एंड ड्राइव के 2,820 मामले सामने आए हैं। वहीं, जोखिम भरे तरीके से गलत दिशा (रॉन्ग साइड) में दोपहिया वाहन चलाने वाले 7,267 चालकों पर सख्त एक्शन लिया गया।
मुंबई शहर में अवैध परिवहन को रोकने के लिए ऑटो रिक्शा और टैक्सियों पर भी कड़ी निगरानी रखी गई। इस दौरान कुल 430 मामले सामने आने पर 182 अवैध रिक्शों को मौके पर ही जब्त कर सड़क से हटा दिया गया। जबकि 90 वाहनों पर कानूनी केस दर्ज किया गया है। पुलिस प्रशासन के अनुसार, आने वाले दिनों में यह सख्ती और भी बढ़ाई जाएगी, ताकि मुंबईवासी सड़कों पर सुरक्षित सफर कर सकें।