डेंगू, मलेरिया ने बढ़ायी BMC की टेंशन, भारी बारिश के कारण हुआ इजाफा

महानगर मुंबई में भारी बारिश के चलते डेंगु और मलेरिया के पेंशेंट्स की संख्या में भारी बढ़त हुई है। जिसके बाद बीएमसी रेड अलर्ट पर दिखायी दे रहा है, साथ ही प्रशासन ने सभी से सावधानी बरतने कहा है।
dengue
प्रतीकात्मक तस्वीर, फोटो- सोशल मीडिया
Published on
Updated on

Mumbai News: भारी बारिश के कारण मानसूनी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। डेंगू, मलेरिया के मरीजों में इजाफा हुआ है. इसके साथ ही लेप्टोस्पायरोसिस ने भी टेंशन बढ़ा दी है। मानसूनी बीमारियों से निपटने के लिए बीएमसी का स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। मनपा की सभी क्लीनिकों और अस्पतालों को जरूरी सभी उपाय करने के निर्देश दिए गए हैं।

इस साल मानसून में वर्षों जनित बीमारियों में वृद्धि देखी जा रही है। मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया के मामले तेजी से बढ़े हैं। आंकड़े बताते हैं कि इस साल जनवरी से चालू अगस्त महीने के बीच मलेरिया के 4,825 मामले दर्ज किए गए, जो 2024 की इसी अवधि के 4,021 मामलों से 20 प्रतिशत अधिक हैं।

चिकनगुनिया के मामले 56 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर पिछले साल के 210 मामलों की तुलना में 328 तक पहुंच गए हैं। हेपेटाइटिस के मामले 662 से बढ़कर 703 हो गए हैं। इस साल 1,564 मामले डेंगू के पाए गए हैं. गैस्ट्रो के 5,510 मरीज मिले हैं।

चिन्हित करने के निर्देश

बारिश के बहने वाले पानी से होकर गुजरने वालों को लेप्टोस्पायरोसिस संक्रमण का खतरा रहता है। लेप्टो एक गंभीर बीमारी है। अगर समय पर इलाज न किया जाए, तो यह जानलेवा हो सकती है। बारिश के पानी से खुद का बचाव करें। बुखार हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। मच्छर जनित बीमारियों को रोकने के लिए भी उपाय तेज कर दिए गए हैं। मनपा अधिकारियों को मच्छर उत्पत्ति वाले स्थानों को चिन्हित कर लार्वा को नष्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।

लेप्टोस्पायरोसिस के मामले बढ़ने की आशंका

पिछले दिनों हुई भारी बारिश के कारण कई इलाकों में जलजमाव हुआ था। कई इलाकों में कीचड़ की भरमार है. लेप्टोस्पायरोसिस के मामले 553, से घटकर 316 हुए हैं, लेकिन बारिश के पानी के कारण लेप्टो के मामले बढ़ने की संभावना है।

बुखार को कदापि न करें नजर अंदाज

डॉक्टरों ने सलाह दी है कि मानसून के दौरान होने वाला कोई भी बुखार डेंगू, मलेरिया या लेप्टो हो सकता है. किसी भी बुखार को नजरअंदाज न करें. नजदीकी मनपा क्लीनिक या अस्पताल में जाकर दवा लें।

विभाग ने भी इसे लेकर चिंता जताई है. जो लोग बारिश के पानी के संपर्क में आए हैं। उनसे अपील की गई है कि बुखार होने पर वे तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और दवा लें। खासकर वे लोग जिनके शरीर पर जख्म या चोट है।

इस साल जनवरी से चालू अगस्त महीने के बीच मलेरिया के 4,825 मामले दर्ज किए गए, जो 2024 की इसी अवधि के 4,021 मामलों से 20 प्रतिशत अधिक है।

चलाया जाएगा जागरूकता अभियान

बीएमसी आयुक्त भूषण गगरानी ने डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया जैसी मानसूनी बीमारियों की रोकथाम के लिए फौरन आवश्यक कदम उठाने के निर्देश मनपा अधिकारियों को दिए है। मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए कीटनाशक का छिड़काव और फॉगिंग की गति बढ़ाने के सुझाव दिए गए है। स्वास्थ्य विभाग ने जागरूकता अभियान चलाने का फैसला किया है।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com