जुहू में 800 करोड़ का भूखंड विवाद में, कांग्रेस ने महायुति सरकार पर गंभीर आरोप लगाए

महाविकास आघाड़ी ने महायुति सरकार पर कुछ गंभीर आरोप लगाए हैं। जिसमें कांग्रेस पार्टी की सांसद वर्षा गायकवाड़ ने जुहू मनपा पर एक बिल्डर को 800 करोड़ रुपये का प्लॉट देने का आरोप लगाया है।
महाविकास आघाड़ी ने महायुति सरकार पर कुछ गंभीर आरोप लगाए हैं। जिसमें कांग्रेस पार्टी की मुंबई की अध्यक्ष और सांसद वर्षा गायकवाड़ ने जुहू मनपा पर एक बिल्डर को 800 करोड़ रुपये का प्लॉट देने का आरोप लगाया है।
सांसद वर्षा गायकवाड़ (सौ. सोशल मीडिया )
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Mumbai News In Hindi: महायुति सरकार पर एक बिल्डर को जुहू स्थित मनपा का 800 करोड़ रुपये का एक प्लॉट देने का आरोप लगा है। कांग्रेस पार्टी की मुंबई अध्यक्ष व सांसद वर्षा गायकवाड ने आरोप लगाया है कि केवल 4 दिनों में सारे नियम-कानून को ताक पर रखकर सरकर के चहेते बिल्डर को सभी अनुमतियां देने का रिकॉर्ड कायम किया गया है।

इस संबंध में उन्होंने सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही इस भूमि घोटाले की न्यायिक जांच कर दोषियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई करने की मांग की गई है। आजाद मैदान स्थित पार्टी कार्यालय में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए वर्षा ने बताया कि राज्य सरकार ने यह प्लॉट अवैध रूप से अपने चहेते बिल्डर मित्र को दिया है। पहले भाजपा विपक्ष में रहते हुए एसआरए के लिए इस प्लॉट को किसी निजी डेवलपर को देने का विरोध किया था।

वर्षा गायकवाड़ का हमला

साल 1950 में बीएमसी ने यहां सफाई कर्मचारियों के लिए एक कॉलोनी बनाई थी। अप्रैल 2025 तक यह कॉलोनी यहीं थी। 3 जुलाई को नगर विकास विभाग ने एक अधिसूचना जारी कर डीसी नियमों में बदलाव का सुझाव दिया। अब निजी बिल्डरों को बीएमसी के स्वामित्व वाली विशिष्ट सुविधाओं के लिए आरक्षित या नामित भूखंडों पर भी एसआरए परियोजनाएं लागू करने की अनुमति मिल गई है। महादेव रियल्टर्स के लिए जुहू स्थित इस भूखंड का व्यावसायिक उपयोग करने का रास्ता साफ कर दिया है। यह मामला हर आरक्षित, सार्वजनिक व मनपा के स्वामित्व वाले भूखंड के लिए खतरनाक मिसाल बन गया है।

800 करोड़ का प्लॉट देने का आरोप

महादेव रियल्टर्स जुहू प्राइवेट लिमिटेड, जो एस्पेक्ट इंफ्रास्ट्रक्चर एंड कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड की 100% स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है। जुहू गली में स्थित बीएमसी का यह भूखंड सीटीएस संख्या 2070 है, जो 48,407 वर्ग फुट का है। इसकी कीमत बीएमसी ने खुद 800 करोड़ आंकी है। यह भूखंड मुंबई विकास योजना में मनपा कर्मचारियों के आवास के लिए आरक्षित है।

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