ठाणे-विरार में हाईटेक स्टेशन बनेंगे आर्थिक हब, बुलेट ट्रेन परियोजना के तहत स्मार्ट विकास योजना शुरू

Mumbai Ahemdabad Bullet Train Project के तहत ठाणे और विरार स्टेशनों के आसपास स्मार्ट और एकीकृत विकास की योजना बनाई गई है। इस परियोजना का आंशिक संचालन अगस्त 2027 तक शुरू करने का लक्ष्य है।
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एमएमआरडीए (सौ. सोशल मीडिया एक्स)
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Thane Virar Smart Station: मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के तहत ठाणे और विरार में प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल स्टेशनों के आसपास के क्षेत्रों का व्यापक और स्मार्ट विकास किया जाएगा।

इसके लिए मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) ने 'प्रोजेक्ट-स्मार्ट' (स्टेशन एरिया डेवलपमेंट) के अंतर्गत एक एकीकृत विकास योजना तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की है। इस तरह से ठाणे व विरार स्टेशनों को हाईटेक बनाया जाएगा।

इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जीका) तकनीकी सहयोग प्रदान कर रही है। हाल ही में एमएमआरडीए, जिका और केंद्र सरकार के शहरी विकास मंत्रालय के अधिकारियों के बीच एक उच्चस्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें स्टेशन परिसरों को आधुनिक शहरी केंद्रों के रूप में विकसित करने की रूपरेखा पर चर्चा हुई।

योजना के अनुसार, बुलेट ट्रेन स्टेशनों के आसपास ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) को बढ़ावा दिया जाएगा। इसमें मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी, बेहतर सड़क नेटवर्क, सार्वजनिक परिवहन की सुविधा, पैदल यात्रियों के लिए अनुकूल ढांचा, हरित क्षेत्र और आधुनिक नागरिक सुविधाएं शामिल होंगी।

2027 में आंशिक संचालन का लक्ष्य

  • भारत की पहली हाई-स्पीड रेल परियोजना, मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन ने 2026 की शुरुआत तक उल्लेखनीय प्रगति हासिल कर ली है। 508 किलोमीटर लंबी इस महत्वाकांक्षी परियोजना में अब तक 334 किलोमीटर वायाडक्ट (एलिवेटेड ट्रैक) और 417 किलोमीटर पियर का निर्माण पूरा हो चुका है।
  • यह परियोजना मुंबई और अहमदाबाद के बीच यात्रा समय को अत्यंत कम करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। गुजरात में कार्य विशेष रूप से तेजी से आगे बढ़ा है, जहां 47 किलोमीटर के खंड में सिविल कार्य और ट्रैक-बेड बिछाने का काम पूरी तरह समाप्त हो चुका है।

आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों का केंद्र बनेंगे स्टेशन

उद्देश्य यह है कि स्टेशन केवल परिवहन केंद्र न रहकर आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों के प्रमुख केंद्र बनेंगे। एमएमआरडीए का मानना है कि इस स्मार्ट विकास से न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी, ठाणे और विरार में सफल क्रियान्वयन के बाद इसी मॉडल को अन्य बुलेट ट्रेन स्टेशनों पर भी लागू किया जा सकता है। यह पहल मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना को वैश्विक स्तर की शहरी योजना से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

सूरत स्टेशन के पहले पूर्ण होने की संभावना

  • परियोजना के तहत 17 नदी पुल पूरे हो चुके हैं, जबकि 21 किलोमीटर लंबी सुरंग में से 5 किलोमीटर की खुदाई पूरी कर ली गई है, जिसमें समुद्र के नीचे का हिस्सा भी शामिल है। सभी 12 स्टेशनों पर निर्माण कार्य जारी है और सूरत-बिलिमोरा खंड लगभग पूरा होने की स्थिति में है।
  • सूरत स्टेशन के पहले पूर्ण होने की संभावना जताई जा रही है। अब तक 5,400 से अधिक ओएचई मस्त लगाए जा चुके हैं और 100 प्रतिशत भूमि अधिग्रहण पूरा हो चुका है। जापानी शिंकानसेन तकनीक से बन रही इस परियोजना का लक्ष्य अगस्त 2027 में आंशिक रूप से शुरू होना है, जबकि पूर्ण संचालन इसके बाद चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा।
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