Mumbai Film City: 124 पेड़ों की कटाई, 333 के प्रतिरोपण पर SC ने मांगा जवाब, महाराष्ट्र सरकार को नोटिस

Maharashtra Government News: सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई फिल्म सिटी में राष्ट्रीय महत्व के 'क्रिएटिव टेक इंस्टीट्यूट' के लिए 124 पेड़ काटने और 333 प्रतिरोपित करने संबंधी याचिका पर राज्य से जवाब मांगा।
Supreme Court seeks response from Maharashtra government on tree-felling permission
प्रतीकात्मक तस्वीर सोर्स- सोशल मीडिया
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Mumbai Film City Tree Felling: उच्चतम न्यायालय ने मुंबई की फिल्म सिटी में प्रस्तावित रचनात्मक प्रौद्योगिकी संस्थान के निर्माण के लिए पेड़ों की कटाई और प्रतिरोपण की अनुमति के अनुरोध वाली याचिका पर बुधवार को महाराष्ट्र सरकार और अन्य पक्षों से जवाब मांगा न्यायालय ने इस परियोजना को "अत्यंत राष्ट्रीय महत्व" की परियोजना बताया।

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी। मोहना की पीठ को वरिष्ठ अधिवक्ता ध्रुव मेहता ने बताया कि प्रस्तावित निर्माण के लिए परियोजना प्रस्तावक ने सभी वैधानिक अनुमतियां और पर्यावरण मंजूरी हासिल कर ली है।

पेड़ काटने की न दी जाए अनुमति

वरिष्ठ अधिवक्ता ने यह भी कहा कि परियोजना आरे वन क्षेत्र के अंतर्गत नहीं आती और फिल्म सिटी के भीतर स्थित है। उन्होंने कहा कि हालांकि, 10 जनवरी, 2025 के न्यायालय के आदेश को देखते हुए अत्यधिक सावधानी बरतते हुए परियोजना प्रस्तावक ने शीर्ष अदालत से अनुमति लेने के लिए उसका रुख किया है।

दस जनवरी, 2025 को न्यायमूर्ति ए. एस. ओका (अब सेवानिवृत्त हो चुके) की अध्यक्षता वाली पीठ ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के वृक्ष प्राधिकरण को निर्देश दिया था कि उसकी अनुमति के बिना मुंबई की आरे कॉलोनी में आगे पेड़ों की कटाई की अनुमति न दी जाए।

मेहता ने बुधवार को कहा कि केंद्र और अन्य पक्ष फिल्म सिटी में एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी के लिए राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र का निर्माण करना चाहते हैं।

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333 पेड़ों का प्रतिरोपण

उन्होंने कहा कि परियोजना के लिए 124 पेड़ों को काटना और 333 पेड़ों का प्रतिरोपण करना होगा। वरिष्ठ अधिवक्ता ने यह भी कहा कि निर्धारित मानदंडों के अनुसार क्षतिपूरक वनीकरण किया जाएगा और परियोजना प्रस्तावक ने अत्यधिक सावधानी बरतते हुए अदालत का रुख किया है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र वन विकास निगम के माध्यम से 5,000 से अधिक पेड़ लगाए जा चुके है।

पीठ ने कहा कि विकास और पेड़ों के संरक्षण के बीच संतुलन कायम करना होगा। इसके बाद उसने महाराष्ट्र सरकार और अन्य पक्षों, जिनमे आरे वन के मुद्दे पर मुंबई उच्च न्यायालय का रुख करने वाला गैर-सरकारी संगठन वनशक्ति भी शामिल है, से याचिका पर दो सप्ताह के भीतर जवाब देने को कहा, प्रधान न्यायाधीश ने कहा, "आखिरकार, यह राष्ट्रीय महत्त की परियोजना है

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