प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना, सेवा पर्व के दौरान महावितरण द्वारा विशेष अभियान

Prime Minister Suryaghar Free Electricity Scheme: 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक सेवा पर्व अवधि के दौरान प्रति माह तीन सौ यूनिट तक बिजली की खपत करने वाले ग्राहकों को मुफ्त बिजली प्रदान की जाएगी।
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना
प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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Kalyan City: प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना को लागू करने के लिए महावितरण द्वारा एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जिसके तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 सितंबर से महात्मा गांधी की जयंती 2 अक्टूबर तक सेवा पर्व अवधि के दौरान प्रति माह तीन सौ यूनिट तक बिजली की खपत करने वाले ग्राहकों को मुफ्त बिजली प्रदान की जाएगी। अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक लोकेश चंद्र ने बिजली उपभोक्ताओं से इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सेवा पर्व के दौरान इन पहलों को सफलतापूर्वक लागू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस योजना को प्राथमिकता देने को कहा है।जिससे बिजली उपभोक्ताओं को सीधा लाभ होगा।महावितरण विभाग के क्षेत्रीय जनसंपर्क अधिकारी अजीत इगतपुरीकर द्वारा दी गई।

अतिरिक्त बिजली बेचकर आय अर्जित

जानकारी के मुताबिक प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 फरवरी, 2024 को किया था। इस योजना का उद्देश्य सामान्य घरेलू उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली प्रदान करना और अतिरिक्त बिजली बेचकर आय अर्जित करना है। इस योजना के तहत बिजली उपभोक्ताओं को अपनी छतों पर सौर ऊर्जा उत्पादन परियोजनाए लगाने के लिए केंद्र सरकार से सीधे सब्सिडी मिलती है।

प्रति माह लगभग 120 यूनिट बिजली उत्पन्न

एक किलोवाट क्षमता वाली परियोजना पर 30,000 रुपए, दो किलोवाट क्षमता वाली परियोजना पर 60,000 रुपए और तीन किलोवाट क्षमता वाली परियोजना पर 78,000 रुपए की सब्सिडी मिलती है।हाउसिंग सोसाइटियों को भी 500 किलोवाट तक प्रति किलोवाट 18,000 रुपए की सब्सिडी मिलती है। एक किलोवाट क्षमता वाली परियोजना सूर्य की रोशनी की उपलब्धता के आधार पर प्रति माह लगभग 120 यूनिट बिजली उत्पन्न करती है।

2,84,245 बिजली उपभोक्ताओं ने योजना का लाभ उठाया

चूंकि सौर ऊर्जा परियोजना से बिजली उपभोक्ता की आवश्यकता से अधिक बिजली उत्पन्न होती है, इसलिए बिजली का बिल शून्य हो जाता है और अतिरिक्त बिजली महावितरण को बेचकर आय भी अर्जित की जा सकती है। राज्य में महावितरण के 2,84,245 बिजली उपभोक्ताओं ने इस योजना का लाभ उठाया है। उनके द्वारा स्थापित सौर ऊर्जा उत्पादन परियोजनाओं की कुल क्षमता 1087 मेगावाट तक पहूंच गई है।

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