सिद्धिविनायक मंदिर में दान चोरी के राज ठाकरे के आरोपों पर न्यास के अध्यक्ष सदा सरवणकर का बड़ा पलटवार

Sada Sarvankar on Raj Thackeray Siddhivinayak Allegations: राज ठाकरे के सिद्धिविनायक मंदिर दान पेटी हेरफेर के दावों पर सदा सरवणकर ने दी सफाई, 45 कर्मचारी निलंबित; उद्धव गुट पर साधा निशाना।
Sada Sarvankar And Raj Thackeray, Siddhivinayak Temple Donation Controversy
सदा सरवणकर और राज ठाकरे (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Siddhivinayak Temple Donation Controversy: देश के प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर की दानपेटी से धन की चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के दावों को लेकर महाराष्ट्र में बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। मनसे (MNS) प्रमुख राज ठाकरे द्वारा सार्वजनिक सभा में मंदिर में हर साल करीब 18 करोड़ रुपये की हेरफेर का पत्र पढ़कर सुनाए जाने के बाद, सिद्धिविनायक मंदिर न्यास के अध्यक्ष और शिवसेना शिंदे गुट के नेता सदा सरवणकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इन आरोपों का करारा जवाब दिया है।

सरवणकर ने सवाल उठाया कि क्या विघ्नहर्ता सिद्धिविनायक मंदिर की वैश्विक छवि को धूमिल करने के लिए कोई सोची-समझी साजिश रची जा रही है।

मैंने खुद ACB को बुलाया, 45 कर्मचारियों को किया निलंबित

प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सदा सरवणकर ने स्पष्ट किया कि प्रशासनिक खामियां ध्यान में आते ही उन्होंने स्वयं एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) को पत्र लिखकर जांच की मांग की थी। एसीबी के जाल में फंसकर न्यास के अधिकारी राजन पेंडुलकर और 9 अन्य लोगों की गिरफ्तारी हुई।

सदा सरवणकर ने बताया कि मौजूदा न्यास मंडल ने सख्त कदम उठाते हुए गड़बड़ी में शामिल लगभग 45 कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। अपने इस्तीफे की मांग को सिरे से खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि जब घोटाले का पर्दाफाश और गिरफ्तारियां उनके कार्यकाल में हुईं, तो वे इस्तीफा क्यों दें?

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उद्धव गुट पर लगाया सीधा आरोप, 18 करोड़ के अंतर का दावा

सरवणकर ने गिरफ्तार अधिकारी राजन पेंडुलकर और अन्य कर्मचारियों के शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के शीर्ष नेताओं से नजदीकी संबंध होने का सनसनीखेज दावा किया। उन्होंने पूर्व महापौर विशाखा राऊत का नाम लेते हुए कहा कि इन राजनीतिक संबंधों के पुख्ता सबूत उनके पास मौजूद हैं।

उन्होंने दावा किया कि पिछले कार्यकालों के दौरान दान की राशि में हर साल 18 करोड़ रुपये का हिसाब-किताब गायब रहता था, जबकि मौजूदा बोर्ड ने भ्रष्टाचार के रास्तों को बंद कर मंदिर की आय में भारी वृद्धि की है।

'शिव भोजन थाली' के लिए दिए गए 10 करोड़ की CID जांच की मांग

संवाददाता सम्मेलन में मौजूद न्यास के सदस्य राहुल लोंढे ने बताया कि इस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्रियों को सौंपी जा रही है। साथ ही न्यास ने इस मामले की सीआईडी (CID) जांच कराने की मांग की है।

राहुल लोंढे ने वर्ष 2019 में तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और तत्कालीन न्यास अध्यक्ष आदेश बांदेकर के कार्यकाल के दौरान सिद्धिविनायक मंदिर निधि से 'शिव भोजन थाली' योजना के लिए दिए गए 10 करोड़ रुपये के आवंटन की भी जांच कराने की मांग उठाई।

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