सिद्धिविनायक मंदिर बनेगा भव्य कॉरिडोर! फडणवीस-शिंदे ने किया भूमि पूजन, जानें क्या मिलेंगी सुविधाएं

Siddhivinayak Temple Corridor: मुंबई के सिद्धिविनायक मंदिर में भव्य कॉरिडोर का भूमि पूजन हुआ। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे कहा कि श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय और आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी।
Siddhivinayak Temple Corridor Project Bhumi Pujan
सिद्धिविनायक मंदिर में दर्शन करते मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, एकनाथ शिंदे व रितु तावड़े (सोर्स: एक्स@Dev_Fadnavis)
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Siddhivinayak Temple Corridor Project Bhumi Pujan News: देश और दुनिया में करोड़ों हिंदुओं की आस्था का बड़ा केंद्र माने जाने वाले मुंबई के प्रसिद्ध श्री सिद्धिविनायक मंदिर का कायाकल्प होने जा रहा है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सोमवार को सिद्धिविनायक मंदिर कॉरिडोर प्रोजेक्ट के पहले चरण का भूमि पूजन किया। इस अवसर पर मुंबई की मेयर रितु तावड़े भी उपस्थित थे। इस भव्य कॉरिडोर के निर्माण से अब मंदिर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय और आधुनिक सुविधाएं मिल सकेंगी।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि श्री सिद्धिविनायक गणपति मंदिर परिसर में विकसित किए जाने वाले कॉरिडोर के माध्यम से श्रद्धालुओं के लिए विभिन्न आधुनिक एवं सुविधाजनक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सिद्धिविनायक मंदिर कॉरिडोर प्रोजेक्ट के पहले चरण के भूमि पूजन के बाद कहा कि यह म‍ंदिर देश की आस्‍था का केंद्र है। कॉरिडोर बनने से श्रद्धालुओं को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने कहा कि सिद्धिविनायक मंदिर मुंबई ही नहीं, बल्कि पूरे देश की आस्था का बड़ा केंद्र है। यहां रोज लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

कब हुई थी सिद्धिविनायक मंदिर की स्थापना?

करीब सवा दो सौ वर्ष पुराने श्री सिद्धिविनायक मंदिर की नींव वर्ष 1801 में रखी गई थी। अब श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए मंदिर कॉरिडोर प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। डिप्टी सीएम शिंदे ने बताया कि यह प्रोजेक्ट अगले दो में पूरा हो जाएगा।

धार्मिक स्थलों के विकास और पुनर्निर्माण पर विशेष ध्यान

एकनाथ शिंदे ने कहा कि इस परियोजना का उद्घाटन महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में हुआ और इसके लिए उन्होंने सिद्धिविनायक ट्रस्ट के सभी सदस्यों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में धार्मिक स्थलों के विकास और पुनर्निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अयोध्या में श्रीराम मंदिर और उज्जैन में महाकाल मंदिर कॉरिडोर का निर्माण इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। शिंदे ने कहा कि मंदिरों का निर्माण और पुनर्निर्माण केवल विकास कार्य नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और धार्मिक जिम्मेदारी भी है।

वहीं, सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष आचार्य पवन त्रिपाठी ने बताया कि मंदिर के सौंदर्यीकरण और कॉरिडोर परियोजना का उद्देश्य श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि कॉरिडोर निर्माण के बाद भक्तों को दर्शन के दौरान किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा। परियोजना के तहत आधुनिक पार्किंग सुविधा, बेहतर कतार प्रबंधन और सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था की जाएगी।

आचार्य पवन त्रिपाठी ने कहा कि मंदिर परिसर में ऐसा कॉरिडोर विकसित किया जाएगा, जहां श्रद्धालुओं को गर्मी, धूप या बारिश से राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए सुविधाओं का विस्तार बेहद आवश्यक हो गया था। ट्रस्ट का प्रयास है कि श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभव के साथ-साथ आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध हों, जिससे उनका दर्शन अनुभव अधिक सहज और सुगम बन सके।

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