UBT की खुलेगी पोल? सिद्धिविनायक मंदिर दान घोटाले में DCM शिंदे ने दिया स्पेशल ऑडिट का आदेश, जानें पूरा मामला
Siddhivinayak Temple Scam: सिद्धिविनायक मंदिर में करोड़ों के दान घोटाले के आरोपों के बाद DCM एकनाथ शिंदे ने पिछले 5 वर्षों के दान का स्पेशल ऑडिट का आदेश दिया है।
- Written By: गोरक्ष पोफली
एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे (सोर्स: सोशल मीडिया)
Siddhivinayak Donation Scam DCM Eknath Shinde Orders Special Audit: मुंबई का सुप्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर, जहां देश-विदेश से श्रद्धालु अपनी मन्नतें लेकर आते हैं, इस समय एक बड़े वित्तीय विवाद के केंद्र में है। मनसे प्रमुख राज ठाकरे द्वारा मंदिर के दान में करोड़ों की हेराफेरी के आरोपों के बाद राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने पिछले पांच वर्षों के दान का स्पेशल ऑडिट करने का कड़ा आदेश दिया है।
इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब राज ठाकरे ने अपनी पार्टी की छात्र शाखा के एक कार्यक्रम में एक बड़ा खुलासा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सिद्धिविनायक मंदिर में हर साल लगभग 18 करोड़ रुपये का दान चोरी हो रहा है। ठाकरे ने अयोध्या के राम मंदिर का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह वहां से 1,400 करोड़ रुपये गायब होने की खबरें आई थीं, वैसी ही स्थिति सिद्धिविनायक मंदिर में भी देखने को मिल रही है।
रोज ठाकरे का बड़ा खुलासा
ठाकरे ने एक पत्र का भी हवाला दिया जो आठ ट्रस्टियों द्वारा डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे को लिखा गया था। उन्होंने दावा किया कि जब तक चोरी पकड़ी नहीं गई थी, तब तक मंदिर का साप्ताहिक कलेक्शन 50 लाख रुपये से कम रहता था, लेकिन सीसीटीवी की निगरानी और कुछ भ्रष्ट कर्मचारियों के पकड़े जाने के बाद यह आंकड़ा अचानक बढ़कर 1.5 करोड़ रुपये प्रति सप्ताह पहुँच गया।
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शिंदे सरकार की स्पेशल ऑडिट वाली स्ट्राइक
राज ठाकरे के आरोपों के बाद एक्शन मोड में आए डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने पिछले पांच वर्षों के दौरान मंदिर में मिले नकद दान, गहनों और अन्य कीमती सामानों की बारीकी से जांच करने का निर्देश दिया है। इस ऑडिट की जिम्मेदारी अतिरिक्त मुख्य सचिव असीम गुप्ता को सौंपी गई है, जो एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेंगे। सरकारी सूत्रों का कहना है कि यदि इस ऑडिट में रत्ती भर भी गड़बड़ी पाई जाती है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
शिवसेना ठाकरे गुट की खुलेगी पोल?
इस मामले में सबसे चौंकाने वाला मोड़ मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष सदा सरवणकर के बयान से आया है। सरवणकर ने आरोपों का जवाब देते हुए खुलासा किया कि उन्होंने खुद ACB को इस गड़बड़ी की जानकारी दी थी, जिसके बाद जाल बिछाकर मुख्य आरोपी राजन पेंडुलकर और उसके नौ साथियों को गिरफ्तार किया गया।
सरवणकर ने सीधा हमला बोलते हुए दावा किया कि गिरफ्तार किया गया मुख्य आरोपी राजन पेंडुलकर और उसके साथी सीधे तौर पर शिवसेना यूबीटी की नेता विशाखा राउत और उस गुट के अन्य नेताओं के संपर्क में थे। इस खुलासे ने इस विवाद को पूरी तरह से राजनीतिक रंग दे दिया है और अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या मंदिर के दान की इस चोरी के तार मातोश्री या यूबीटी गुट के बड़े नेताओं से जुड़े हैं?
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कड़ी कार्रवाई और मंदिर की सुरक्षा
जानकारी के अनुसार, इस पूरे मामले में अब तक 45 कर्मचारियों और अधिकारियों को सस्पेंड किया जा चुका है। यह मामला इसलिए भी बड़ा है क्योंकि सिद्धिविनायक मंदिर देश के सबसे अमीर मंदिरों में से एक है, जिसकी वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल कमाई लगभग 182 करोड़ रुपये रही है।
अब सबकी नजरें असीम गुप्ता की रिपोर्ट पर टिकी हैं। क्या यह ऑडिट महाराष्ट्र की राजनीति में एक नया विस्फोट करेगा और यूबीटी गुट की मुश्किलों को बढ़ाएगा? यह आने वाला समय ही बताएगा।
