

Anand Dubey On Rahul Gandhi: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 10 अक्टूबर को राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन पर राजनीति गरमा गई है। इस प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आनंद दुबे ने तंज कसते हुए विवादित और तीखा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारतीय लोकतंत्र की खूबसूरती यही है कि देश में मक्खी-मच्छर से लेकर तिलचट्टे जैसी पार्टियों तक, हर किसी को आंदोलन और प्रदर्शन करने का पूरा अधिकार है।
मुंबई में मीडिया से बात करते हुए आनंद दुबे ने कहा कि लोकतंत्र में नेता प्रतिपक्ष का बहुत सम्मान है। नेता प्रतिपक्ष आंदोलन, धरना-प्रदर्शन, संसद से लेकर सड़क तक बात कर सकते हैं। यह लोकतंत्र में एक अधिकार है। अब चुनाव आयोग और विपक्ष के बीच की ये लड़ाई हो गई है, पूरा विपक्ष राहुल गांधी के साथ खड़ा है।
आनंद दुबे ने कहा कि चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार राहुल गांधी को समय दें और मिलें। विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति से भी मिलने का समय मांगा है। राजनीति में शुचिता होनी चाहिए, दोनों तरफ से जब तक संवाद नहीं होगा, आप राजनीति कर ही नहीं सकते हैं। राहुल गांधी एक विषय को लेकर इस्तीफा मांग रहे हैं। यहां भाजपा और सरकार का कोई लेना-देना नहीं है।
उद्धव ठाकरे गुट के नेता ने कहा कि हमें लगता है कि चुनाव आयोग इस विषय को गंभीरता से ले तो ज्यादा बेहतर है, क्योंकि कुछ लोग आपदा में अवसर तलाश रहे हैं जैसे कि कॉकरोच टाइप पार्टियां हैं, जिन्हें हम तिलचट्टा कहते हैं, वो भी इसमें घुस रहे हैं। कुछ और भी लोग घुसना चाह रहे हैं। इसीलिए चुनाव आयोग को विपक्ष की मांग और बात को सुनना चाहिए।
CJP के प्रोटेस्ट का जिक्र करते हुए आनंद दुबे ने कहा कि हमारी पार्टी क्या स्टैंड ले रही है, वो बताया जाएगा लेकिन हम तो पहले दिन से कह रहे हैं कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं और सवाल जायज हैं। इन सवालों पर चर्चा होनी चाहिए।
ज्ञानेश कुमार बताएं कि चुनाव आयोग में क्या धांधली हुई है। अब इसको लेकर कोई आंदोलन करना चाहता है, जैसे कि कोई मक्खी हैं, मच्छर हैं, तिलचट्टा हैं, सब कर सकते हैं। इस देश में रहने वाले हर प्रजाति आंदोलन कर सकता है।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी से ज्ञानेश कुमार क्यों नहीं मिलना चाहते हैं। इतना अहंकार किस बात का है, 5 मिनट ही मिलने का समय दीजिए। साथ में चाय पीते हुए मामले को सुलझा लेना चाहिए।