

Sharmila Thackeray Slams BJP Government: हाल ही में मीडिया से बात करते हुए राज ठाकरे की पत्नी शर्मिला ठाकरे ने मादी सरकार पर बड़े आरोप लगाए है। शर्मिला ठाकरे ने कहा कि लोगों की हालत बहुत खराब है क्योंकि पेट्रोल की कीमतें 100 रुपये के पार चली गई हैं। उन्होंने याद दिलाया कि जिस मुद्दे के लिए बीजेपी 12 साल पहले सड़कों पर उतरकर आंदोलन करती थी, आज उसके बारे में कोई एक शब्द भी बोलने को तैयार नहीं है।
उन्होंने कोंकण के चिपी एयरपोर्ट के बंद होने पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये और जनता के टैक्स का पैसा खर्च करके एयरपोर्ट बनाए जाते हैं, लेकिन वे बंद पड़े हैं। उनके अनुसार, एक एयरपोर्ट बनाने में लगभग 40 से 50 हजार करोड़ रुपये का खर्च आता है। उन्होंने आरोप लगाया कि चिपी एयरपोर्ट पर विमानों के फुल होने के बावजूद उसे इसलिए बंद किया गया क्योंकि गोवा के पर्यटन में कमी आ रही थी। उन्होंने उत्तर प्रदेश और बिहार का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां भी कई नए एयरपोर्ट बनाए गए जिनमें से अधिकांश बंद हैं।
उन्होंने पुरंदर के किसानों का समर्थन करते हुए कहा कि वहां की उपजाऊ जमीन, जहां भात (चावल) और अन्य अनाज उगाए जाते हैं, सरकार जबरदस्ती अधिग्रहित कर रही है। किसानों ने इसके खिलाफ हरित प्राधिकरण में आवेदन किया है, लेकिन शर्मिला ठाकरे का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट से लेकर नीचे तक सब कुछ सरकार के हाथ में है, इसलिए लोगों को न्याय नहीं मिल रहा है।
मुंबई में हो रही पेड़ों की कटाई पर उन्होंने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि 100-200 साल पुराने पेड़ों को काटा जा रहा है, जो हमें ऑक्सीजन देते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि पेड़ों के कटने से गर्मी बढ़ रही है, मानसून में देरी हो रही है और भूजल स्तर नीचे चला गया है। उन्होंने नेताओं पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे सिर्फ पैसे बनाने में लगे हैं और उनके बच्चे विदेश में बस गए हैं, जबकि यहाँ आम जनता मर रही है।
शर्मिला ठाकरे ने बीजेपी की पार्टी तोड़ने की राजनीति की कड़ी आलोचना की। उन्होंने सुझाव दिया कि दूसरों के बच्चों को चुराने (नेताओं को तोड़ने) के बजाय उन्हें अपने कार्यकर्ताओं को बड़ा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आरएसएस और विश्व हिंदू परिषद में बहुत अच्छे लड़के काम कर रहे हैं, उन्हें आगे लाना चाहिए। उन्होंने ममता बनर्जी, उद्धव ठाकरे और शरद पवार की पार्टियों को तोड़े जाने का जिक्र करते हुए कहा कि बीजेपी को अपनी खुद की नई पीढ़ी तैयार करनी चाहिए।
उद्धव ठाकरे के सांसदों की बैठक में अनुपस्थिति पर उन्होंने कहा कि अनुपस्थित होने का मतलब यह नहीं कि वे चले गए हैं, और उपस्थित रहने वाले भी रुकेंगे इसकी कोई गारंटी नहीं होती। उन्होंने अपने अनुभव से बताया कि लोग फोन पर साथ होने का दावा करते हैं और अगले ही पल दूसरे चैनल पर किसी और पार्टी के साथ दिखते हैं। अंत में उन्होंने कहा कि 12 साल सत्ता में रहने के बाद भी बीजेपी ने भारत की अर्थव्यवस्था और महंगाई की स्थिति खराब कर दी है।