कोल्हापुर में 'अवैध लिंग परीक्षण' रैकेट का भंडाफोड़, 2 महिलाओं समेत 6 अरेस्ट, डॉक्टर की फॉर्च्यूनर-थार जब्त

Kolhapur Crime News: कोल्हापुर के बिद्री स्थित श्रद्धा हॉस्पिटल में चल रहे अवैध गर्भलिंग जांच रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने डॉक्टर के बाद अब 2 महिला कर्मियों और 4 एजेंटों को गिरफ्तार किया है।
Kolhapur Illegal Gender Determination Racket Busted
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Kolhapur Illegal Gender Determination Racket Busted: महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बिद्री क्षेत्र के 'श्रद्धा हॉस्पिटल' में चल रहे अवैध गर्भलिंग निदान रैकेट की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका खुलासा इस्पुर्ली पुलिस की ताजा कार्रवाई से हुआ है। पुलिस ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो महिलाओं और चार एजेंटों को सलाखों के पीछे भेज दिया है।

क्या है पूरा मामला?

जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी डॉ. युवराज पाटिल ने अवैध जांच और भ्रूण हत्या का एक व्यवस्थित नेटवर्क बना रखा था। डॉ. पाटिल मरीजों को लाने वाले एजेंटों को प्रति मरीज 2,000 रुपए से 5,000 रुपए तक का कमीशन देता था। इतना ही नहीं, अस्पताल में काम करने वाली महिला कर्मी मनीषा कांबले और नंदा गुरव को भी इस काले धंधे में शामिल किया गया था। इन महिलाओं का काम गर्भपात के बाद भ्रूण को गुपचुप तरीके से ठिकाने लगाना था, जिसके बदले उन्हें मोटी रकम दी जाती थी।

लग्जरी गाड़ियां और रसूख

कोल्हापुर पुलिस की इस कार्रवाई ने इलाके में हड़कंप मचा दिया है। मुख्य आरोपी डॉ. युवराज पाटिल और एजेंट संभाजी शिंदे की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस ने डॉक्टर की आलीशान फॉर्च्यूनर और थार गाड़ियां भी जब्त कर ली हैं। बताया जा रहा है कि इस काले कारोबार से होने वाली कमाई का इस्तेमाल रसूख दिखाने और महंगी गाड़ियां खरीदने में किया जा रहा था।

इस्पुर्ली पुलिस की कार्रवाई में हॉस्पिटल में काम करने वाली मनीषा कांबले और नंदा गुरव के साथ एजेंट बाजीराव तोकडे, विक्रम पाटिल, सुखदेव पाटिल और सुनील गुरव को गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले मुख्य आरोपी डॉ. युवराज पाटिल और एजेंट संभाजी शिंदे को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

जांच का दायरा बढ़ा

राधानगरी तहसील समेत आसपास के कई इलाकों से गर्भवती महिलाओं को बहला-फुसलाकर यहां लाया जाता था। पुलिस को संदेह है कि इस रैकेट में कुछ अन्य बड़े नाम भी शामिल हो सकते हैं। इस्पुर्ली पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि यह नेटवर्क कोल्हापुर के बाहर अन्य जिलों में भी फैला था या नहीं। फिलहाल, पुलिस की टीमें फरार संदिग्धों की तलाश में जुटी हैं और जल्द ही और भी गिरफ्तारियां होने की संभावना है।

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