

शिवसेना (UBT) सांसद संजय राऊत ने RSS और भाजपा के रिश्तों में गहरे मतभेद होने का दावा किया।
राऊत के अनुसार, संघ परिवार भी ‘रिजीम चेंज’ यानी सत्ता परिवर्तन चाहता है।
नागपुर के RSS विजयादशमी समारोह में पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को मुख्य अतिथि बनाए जाने पर उन्होंने सवाल उठाए।
राऊत ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने पद छोड़ने के बाद धनखड़ की उपेक्षा की।
इन बयानों के बाद राजनीतिक गलियारों में संघ और भाजपा के संबंधों को लेकर अटकलें तेज हुईं।
Mumbai Nagpur Shiv Sena UBT Sanjay Raut Modi Shah RSS Rift Statement: शिवसेना (UBT) सांसद संजय राऊत ने दावा किया है कि भाजपा और RSS के बीच मतभेद गहरे हो गए हैं और संघ परिवार भी रिजीम चेंज चाहता है। नागपुर के विजयादशमी समारोह में पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को मुख्य अतिथि बनाए जाने को लेकर राऊत ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उनके बयान पर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
मुंबई, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के राज्यसभा सांसद संजय राऊत ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के संबंधों को लेकर बड़ा दावा किया है। राऊत के अनुसार, भाजपा और संघ के बीच मतभेद काफी गहरे हो गए हैं और संघ परिवार भी रिजीम चेंज यानी सत्ता परिवर्तन चाहता है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में नई अटकलें शुरू हो गई हैं।
राऊत ने अपनी पार्टी के मुखपत्र में लिखे लेख के माध्यम से नागपुर में आयोजित RSS के विजयादशमी समारोह और उसमें पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किए जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने इस घटनाक्रम को केंद्र सरकार और संघ के बीच संबंधों के संदर्भ में देखा है।
नागपुर में RSS के विजयादशमी उत्सव में पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था। राऊत ने इसे राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बताते हुए दावा किया कि केंद्र सरकार द्वारा नजरअंदाज किए जाने के बाद धनखड़ को संघ के मंच पर प्रमुख स्थान दिया जाना एक संदेश हो सकता है।
हालांकि, संघ की ओर से धनखड़ को आमंत्रित करने के पीछे सत्ता परिवर्तन की कोई आधिकारिक मंशा घोषित किए जाने की जानकारी इस खबर में नहीं है। रिजीम चेंज को लेकर राऊत का बयान उनका राजनीतिक दावा है।
संजय राऊत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने पूर्व उपराष्ट्रपति धनखड़ की उपेक्षा की। राऊत के मुताबिक, पद छोड़ने के बाद धनखड़ को आवास, कार्यालयीन सहायता और पेंशन जैसी सुविधाएं नहीं मिलीं तथा उन्हें एक मित्र के फार्म हाउस पर रहना पड़ रहा है।
धनखड़ ने अपना कार्यकाल पूरा होने से पहले उपराष्ट्रपति पद छोड़ दिया था। राऊत ने इसी घटनाक्रम का हवाला देते हुए सवाल उठाया कि ऐसे व्यक्ति को RSS के विजयादशमी समारोह में मुख्य अतिथि बनाना क्या राजनीतिक संकेत देता है।
राऊत ने अपने लेख में केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि देश में मूल्यहीन और भ्रष्ट सरकार सत्ता में है। उन्होंने दावा किया कि जनता इस सरकार को सत्ता से हटाना चाहती है और पर्दे के पीछे RSS भी यही चाहता है।
राऊत के अनुसार, संघ का कथित रिजीम चेंज एजेंडा जगदीप धनखड़ के माध्यम से आगे बढ़ाया जा रहा है। हालांकि, यह दावा राऊत का राजनीतिक आकलन है। RSS और भाजपा के बीच मतभेद या सत्ता परिवर्तन की किसी योजना को लेकर संबंधित पक्षों की आधिकारिक पुष्टि इस खबर में उपलब्ध नहीं है।