ED के डर से रोते हुए ‘मातोश्री’ पहुंचे थे वायकर, ‘नरकातला स्वर्ग’ में आज होंगे कई चौंकाने वाले खुलासे
संजय राउत की किताब ‘नरकातला स्वर्ग’ का विमोचन शनिवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) प्रमुख शरद पवार और शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे करेंगे।
- Written By: आकाश मसने
संजय राउत की किताब नरकातला स्वर्ग का आज होगा विमोचन (सोर्स: सोशल मीडिया)
मुंबई: शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत की किताब ‘नरकातला स्वर्ग’ का विमोचन शनिवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार और शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे के हाथों किया जाएगा। इस किताब में राउत ने राजनीतिक हलकों से जुड़े कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। राउत के इन खुलासों में शिवसेना के सांसद रवींद्र वायकर को लेकर किए गए दावे सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। राउत ने दावा किया है कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की गिरफ्तारी के डर से रवींद्र वायकर और उनके परिवार ‘मातोश्री’ (उद्धव ठाकरे का निवास) पर आए थे और फूट-फूट कर रोए थे।
राउत के मुताबिक, वायकर ने उद्धव ठाकरे से कहा था मुझे जेल में जाने की हिम्मत नहीं है। या तो मैं मर जाऊंगा या आत्महत्या कर लूंगा। राउत ने यह भी दावा किया कि शिंदे गुट द्वारा बनाए गए दबाव और भय के कारण वायकर ने पार्टी छोड़ दी। यह दावा उन्होंने अपनी किताब ‘नरकातला स्वर्ग’ में किया है, जो अब राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन चुकी है।
शिवसेना यूबीटी नेता की पुस्तक में कहा गया है कि जिस क्षण वायकर शिंदे गुट में शामिल हुए, उसी समय उन पर दर्ज सभी मामले वापस ले लिए गए। इसका मतलब यह हुआ कि वायकर पर लगाए गए आरोप झूठे थे और उन्हें पार्टी छोड़ने के लिए दबाव में लाया गया था। राउत के अनुसार, वायकर को शिवसेना के सबसे निष्ठावान विधायकों में से एक माना जाता था।
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वायकर बीएमसी की जमीन पर चलाते थे क्लब
संजय राउत ने यह भी बताया कि वायकर के कई पारिवारिक समारोहों में ठाकरे परिवार की उपस्थिति रहती थी। उन्होंने जिक्र किया कि वायकर जोगेश्वरी में ‘सुप्रीमो’ नाम का क्लब चलाते थे, जो असल में मुंबई महानगरपालिका की जमीन पर स्थित है। वायकर किस तरह फंसते गए, इसके बारे में बताते हुए राउत ने भाजपा नेता किरीट सोमैया का भी उल्लेख किया।
उन्होंने लिखा कि सोमैया ने अचानक वायकर को निशाना बनाना शुरू किया और रायगढ़ जिले की जमीन पर नौ बंगलों के निर्माण की फर्जी कहानी गढ़ी, यह बताने की कोशिश की कि ये बंगले ठाकरे परिवार के हैं। इस तरह का झूठा नैरेटिव फैलाया गया, जिससे वायकर के खिलाफ झूठे केस दर्ज हुए, ऐसा राउत ने दावा किया है।
इसके बाद ‘सुप्रीमो’ क्लब की जमीन को लेकर रिकॉर्ड बदलने का आरोप लगाया गया और पुलिस पर दबाव डालकर वायकर के खिलाफ आर्थिक अपराध शाखा में जांच शुरू कराई गई। इसी मामले के बहाने ईडी की एंट्री भी करवाई गई, ऐसा भी राउत का दावा है।
जब किरीट सोमैया ने यह प्रचार किया कि ईडी वायकर को गिरफ्तार करने वाली है, तो वायकर और उनके परिवार में घबराहट फैल गई। राउत के अनुसार, इन चौंकाने वाले खुलासों के चलते यह साफ है कि आगामी दिनों में यह किताब और उसमें किए गए गोपनीय खुलासे राजनीतिक हलकों में चर्चा का बड़ा विषय बनने वाले हैं।
शरद पवार ने रोकी थी नरेंद्र मोदी की गिरफ्तारी
किताब ‘नरकातला स्वर्ग’ में राउत के अनुसार, शरद पवार ने उस वक्त नरेंद्र मोदी की गिरफ्तारी टालने में अहम भूमिका निभाई थी, जब वे गुजरात के मुख्यमंत्री थे और केंद्र तथा गुजरात सरकार के बीच संघर्ष चल रहा था। राउत ने लिखा है कि जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, उस समय केंद्र और गुजरात सरकार के बीच तनाव चरम पर था।
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इसी दौरान गुजरात सरकार के कई तत्कालीन मंत्रियों और पूर्व गृह राज्यमंत्री शाह को जेल भेजा गया था। उस वक्त कार्रवाई की दिशा मोदी की ओर थी। लेकिन शरद पवार का मानना था कि लोकतांत्रिक रूप से चुने गए मुख्यमंत्री को गिरफ्तार करना सही नहीं है। इसी कारण शरद पवार की भूमिका से नरेंद्र मोदी की गिरफ्तारी टल गई। राउत ने तंज कसते हुए सवाल किया कि मोदी ने उस उपकार को आगे चलकर कितना याद रखा?
