मोदी को रुकवाना चाहिए ईरान-इजरायल का युद्ध, संजय राउत बोले- क्या नेहरू की वजह से है नाराजगी?

Sanjay Raut on Iran Israel War: संजय राउत ने पीएम मोदी को ईरान-इजरायल युद्ध रुकवाने की चुनौती दी। खामेनेई के निधन पर शोक न जताने पर नेहरू और कूटनीति का हवाला देकर साधा निशाना।
Sanjay Raut on Iran Israel War
Sanjay Raut on Iran Israel War (फोटो क्रेडिट-X)
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PM Modi Vishwa Guru Challenge: ईरान और इजरायल के बीच छिड़ी भीषण जंग और ईरानी सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद देश की राजनीति में भूचाल आ गया है। उद्धव ठाकरे गुट के फायरब्रांड नेता और सांसद संजय राउत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। राउत ने पीएम मोदी को 'विश्व गुरु' के संबोधन से घेरते हुए चुनौती दी कि यदि वे इतने बड़े वैश्विक नेता हैं, तो उन्हें तुरंत हस्तक्षेप कर इस युद्ध को रुकवाना चाहिए।

संजय राउत ने खामेनेई के निधन पर भारत सरकार द्वारा आधिकारिक शोक व्यक्त न करने पर भी कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पीएम मोदी की यह बेरुखी पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और खामेनेई की पुरानी मित्रता के कारण है?

"विश्व गुरु हैं तो रुकवाएं युद्ध": संजय राउत की चुनौती

संजय राउत ने तंज कसते हुए कहा कि यदि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम करवा सकते हैं, तो पीएम मोदी को भी अपनी 'विश्व गुरु' वाली छवि का उपयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा, "इतिहास में ऐसा नेता न आज तक पैदा हुआ है और न आगे होगा, तो फिर वे चुप क्यों हैं? उन्हें अपने दोस्तों (इजरायल और अमेरिका) से कहना चाहिए कि अब बहुत हो गया, इस जंग को रोकिए।" राउत ने मांग की कि भारत को इस मानवीय संकट में मूकदर्शक बने रहने के बजाय सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

नेहरू और खामेनेई की मित्रता पर मोदी को घेरा

अयातुल्ला अली खामेनेई को भारत का सच्चा मित्र बताते हुए राउत ने कहा कि संकट की हर घड़ी में ईरान भारत के साथ खड़ा रहा। चाहे भारत-पाकिस्तान युद्ध हो या कश्मीर का मुद्दा, ईरान ने हमेशा हमारा समर्थन किया। राउत ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा, "अली खामेनेई, पंडित जवाहरलाल नेहरू के बहुत बड़े प्रशंसक थे। क्या मोदी जी को इसी बात का गुस्सा है कि वे नेहरू को मानते थे?" उन्होंने सवाल किया कि क्या व्यक्तिगत राजनीतिक नाराजगी के कारण एक ऐतिहासिक मित्र देश के नेता की मौत पर संवेदना व्यक्त नहीं की जा रही है।

"किससे डर रहे हैं प्रधानमंत्री? इजरायल या ट्रंप से?"

राउत ने नेल्सन मंडेला का उदाहरण देते हुए कहा कि जब मंडेला ने खामेनेई को अपना नेता माना था, तो क्या वे भी आतंकवादी थे? उन्होंने सरकार से पूछा कि आखिर शोक प्रकट करने में उन्हें किससे डर लग रहा है इजरायल से या फिर डोनाल्ड ट्रंप से? राउत ने जोर देकर कहा कि इतने बड़े कद के नेता की हत्या पर भारत के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को आधिकारिक तौर पर दुख प्रकट करना चाहिए था। उनके इस बयान ने विदेश नीति और कूटनीतिक शिष्टाचार को लेकर एक नई राष्ट्रीय बहस छेड़ दी है।

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