

Sanjay Raut Statement: शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में चल रहे मतदान के बीच केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर कड़ा प्रहार किया है। गुरुवार, 23 अप्रैल 2026 को पत्रकारों से बात करते हुए राउत ने कहा कि ये चुनाव देश के लोकतंत्र, नागरिकों के अधिकारों और संविधान की रक्षा के लिए निर्णायक हैं। उन्होंने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए तंज कसा कि आज आयोग के दफ्तर पर उन्हें भारतीय जनता पार्टी का झंडा नजर आ रहा है।
राउत ने पश्चिम बंगाल की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा, "बीजेपी ने बंगाल में जिस तरह की 'गुंडागर्दी' और बल प्रयोग किया है, वह निंदनीय है। वहां हजारों जवानों को तैनात कर दिया गया है; ऐसा लगता है जैसे वोटर्स से ज्यादा वहां पुलिस बल मौजूद है।" उन्होंने दावा किया कि पूरी मशीनरी ममता दीदी को हराने में लगी है, लेकिन बंगाल की जनता मजबूती से तृणमूल कांग्रेस के साथ खड़ी है।
संजय राउत ने भविष्यवाणी की है कि तमिलनाडु में एम.के. स्टालिन और पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी एक बार फिर भारी बहुमत के साथ सत्ता में लौटेंगे। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को आड़े हाथों लेते हुए कहा, "अमित शाह को बंगाल की चिंता छोड़कर असम के बिगड़ते हालात पर ध्यान देना चाहिए। बंगाल के लोग खुश हैं और वहां खान-पान या रहन-सहन पर कोई बंधन नहीं है।"
महाराष्ट्र में भी आज बारामती और राहुरी विधानसभा उपचुनाव के लिए मतदान हो रहा है, जहाँ मतदान के रुझान तेजी से बदल रहे हैं। बारामती में अजित पवार के निधन के बाद सुनेत्रा पवार मैदान में हैं, जिनके लिए रोहित पवार ने 2.5 लाख वोटों से जीत की भविष्यवाणी की है। वहीं, राहुरी में स्वर्गीय शिवाजीराव कर्डिले के बेटे अक्षय कर्डिले (भाजपा) और शरद पवार गुट के गोविंद मोकाटे के बीच कड़ी टक्कर है। राहुरी में 3,33,543 मतदाता 374 बूथों पर अपना भविष्य तय कर रहे हैं। दिलचस्प यह है कि इन सीटों पर महाविकास अघाड़ी (MVA) के भीतर सीट-बंटवारे को लेकर कांग्रेस ने अपनी नाराजगी भी जताई थी।
आज हो रहे मतदान के शुरुआती आंकड़े भारी उत्साह की ओर इशारा कर रहे हैं:
चुनाव आयोग के अनुसार, दोपहर तक के ये आंकड़े दर्शाते हैं कि जनता बड़ी संख्या में अपने मताधिकार का प्रयोग कर रही है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि संजय राउत की भविष्यवाणी सच साबित होती है या चुनावी ऊंट किसी और करवट बैठता है।