

Sanjay Raut on Sanjay Shirsat: महाराष्ट्र में शिवसेना नेता संजय शिरसाट का एक वीडियो बीते दिन तेजी से वायरल हुआ था। ये वीडियो शिवसेना यूबीटी सांसद संजय राउत द्वारा जारी किया गया था, जिसके बाद हंगामा मच गया। इस वीडियो में संजय शिरसाट सिगरेट पीते हुए अपने घर के बिस्तर पर बैठे किसी से फोन पर बाते करते नजर आ रहे है और ठीक उनके बाजू में एक बड़ा बैग दिखाई दे रहा है, जिसमें पैसों की गड्डियों नजर आ रही है।
इस वीडियो के वायरल होते ही राज्य में हंगामा खड़ा हो गया। हालांकि, विधानसभा के बाद जब संजय शिरसाट से इसके बारे में पूछा गया को उन्होंने कहा कि वीडियो में मैं ही हूं और घर भी मेरा ही है। लेकिन वहां रखे बैग में पैसे नहीं बल्कि कपड़े रखे है। उन्होंने संजय राउत के पैसों के दावे को झूठा करार दिया था और कहा कि ये उन्हें बदनाम करने की कोशिश है। संजय शिरसाट ने संजय राउत के खिलाफ मानहानि का केस दर्ज कराने की भी बात की थी।
इस मामले में अब शिवसेना यूबीटी सांसद संजय राउत ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। उन्होंने कहा, "मैंने एक वीडियो जारी किया है जिसमें एक मंत्री (संजय शिरसाट) पैसों से भरे बैग के साथ दिखाई दे रहे हैं। मुझे एक सबूत मिला है और मैंने उसे जारी कर दिया है। अगर कोई कानूनी कार्रवाई करना चाहता है तो मैं लड़ूंगा। मैं सांसद हूं मैं एक विपक्षी नेता हूं और यह मेरा काम है। मैं सासंद हूं, मैं पत्रकार हूं, अगर मुझे ऐसा कुछ मिलता है, तो ज़ाहिर है कि मैं उस सबूत को जेब में रखकर नहीं घूमूंगा।"
शिवसेना यूबीटी सांसद संजय राउत ने जन सुरक्षा विधेयक पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "'जन सुरक्षा विधेयक' असल में 'भाजपा सुरक्षा विधेयक' है। भाजपा गैर सरकारी संगठनों, समाजसेवी समूहों, राजनीतिक दलों और अन्य लोगों से डरती है। आदिवासी हमेशा अपने अधिकारों के लिए लड़ते हैं। उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ में अडानी को जंगल बेच दिए। वहां के लोग संघर्ष कर रहे है। ऐसे लोगों के दबाने के लिए कूचलने के लिए यह कानून बनाया गया है।"
संजय राउत ने कहा, "यह कानून अपनी ज़मीन के लिए प्रदर्शन कर रहे लोगों को दबाने के लिए बनाया गया है। सरकार को लगता है कि आप सरकार के खिलाफ मत बोलिए। हमारे खिलाफ मत बोलिए, हमारे खिलाफ मत लिखिए, सरकार के खिलाफ सड़क पर मत आइए। सरकार के आड़े आएंगे तो बिना जांच के आपको जेल भेज दिया जाएगा और जमानत भी नहीं मिलेगी। ये बिल्कुल अमानुष कानून महाराष्ट्र में लाया गया है। जहां से संविधान निर्माता बाबासाहेब आंबेडकर आते है। इस प्रकार का घटिया कानून फडणवीस सरकार बनाकर हम पर थोप रही है।"