

Sanjay Khare Principal Chief Engineer Central Railway: भारतीय रेल इंजीनियरिंग सेवा (IRSE) के 1991 बैच के वरिष्ठ अधिकारी संजय खरे ने मध्य रेल के प्रधान मुख्य इंजीनियर का पदभार संभाल लिया है। उन्होंने रजनीश माथुर का स्थान लिया है, जो 30 सितंबर को सेवानिवृत्त हुए।
संजय खरे को रेलवे के निर्माण कार्य, ट्रैक इंजीनियरिंग, परियोजना प्रबंधन और प्रशासनिक जिम्मेदारियों का करीब 32 वर्षों का व्यापक अनुभव है। उनके लंबे अनुभव को देखते हुए मध्य रेल की महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग और निर्माण परियोजनाओं में उनकी भूमिका अहम मानी जा रही है।
प्रधान मुख्य इंजीनियर का पदभार संभालने से पहले संजय खरे पश्चिम रेलवे में मुख्य ट्रैक इंजीनियर के रूप में कार्यरत थे। उन्होंने सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री हासिल की है।
इसके अलावा उन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली से वाटर रिसोर्सेज में डिप्लोमा प्राप्त किया है। रेलवे में अपने लंबे कार्यकाल के दौरान उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए कई परियोजनाओं और निर्माण कार्यों की जिम्मेदारी संभाली है।
खरे ने अपने करियर की शुरुआत में सहायक मंडल इंजीनियर के रूप में रेनुकूट और अहमदनगर में सेवाएं दीं।
इसके बाद कार्यकारी इंजीनियर और उप मुख्य इंजीनियर के पदों पर रहते हुए उन्होंने मध्य रेल की कई महत्वपूर्ण निर्माण परियोजनाओं में योगदान दिया। इन परियोजनाओं में नई रेल लाइन बिछाने से लेकर गेज परिवर्तन जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल रहे।
संजय खरे ने पुणे शहर स्थित भारतीय रेल सिविल इंजीनियरिंग संस्थान में वरिष्ठ प्रोफेसर (वर्क्स) के रूप में भी सेवाएं दी हैं। इस दौरान उन्होंने रेलवे इंजीनियरिंग से जुड़े प्रशिक्षण और तकनीकी कार्यों में योगदान दिया। उनके पास निर्माण परियोजनाओं के साथ-साथ प्रबंधन और सामान्य प्रशासन का भी व्यापक अनुभव है।
मध्य रेल के प्रधान मुख्य इंजीनियर के रूप में उनकी नई जिम्मेदारी ऐसे समय में महत्वपूर्ण है, जब रेलवे नेटवर्क के विस्तार, नई रेल लाइनों, ट्रैक सुधार और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई कार्यों पर लगातार जोर दिया जा रहा है। उनके तकनीकी अनुभव और विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं में काम करने की पृष्ठभूमि का लाभ मध्य रेल को मिलने की उम्मीद है।
इन परियोजनाओं में पनवेल-कर्जत नई रेल लाइन, लातूर-मिरज गेज परिवर्तन और अमरावती-नरखेड़ नई रेल लाइन प्रमुख हैं। इसके अलावा उन्होंने मध्य रेल के सोलापुर और नागपुर मंडलों में वरिष्ठ मंडल इंजीनियर के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली है।
खरे ने पुणे स्थित भारतीय रेल सिविल इंजीनियरिंग संस्थान में वरिष्ठ प्रोफेसर (वर्क्स) के रूप में भी सेवाएं दी हैं। उन्हें रेलवे के निर्माण कार्यों, प्रबंधन और सामान्य प्रशासन का व्यापक अनुभव है।