Dollar vs Rupee Crisis: रुपये की गिरावट पर भाजपा की चुप्पी, आदित्य ठाकरे का हमला
Aditya Thackeray: डॉलर के मुकाबले रुपये के 92 के ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंचने के बाद शिवसेना (उबाठा) नेता आदित्य ठाकरे ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए भाजपा की चुप्पी पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
- Written By: अपूर्वा नायक
आदित्य ठाकरे (सौ. फाइल फोटो )
Mumbai News In Hindi: अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया शुक्रवार को कारोबार के दौरान सर्वकालिक निचले स्तर 92 रुपये तक पहुंच गया। रुपये की इस तेज गिरावट ने एक बार फिर देश की अर्थव्यवस्था और मुद्रा प्रबंधन को लेकर बहस छेड़ दी है।
शिवसेना (उबाठा) के नेता और विधायक आदित्य ठाकरे ने रुपये की गिरावट को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार पर कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि रुपया अब दुनिया की सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली मुद्राओं में से एक बन चुका है, लेकिन सरकार इस पर कोई स्पष्ट जवाब देने को तैयार नहीं है।
‘पहले 40 पर हंगामा, अब 92 पर चुप्पी’
आदित्य ठाकरे ने कहा कि भाजपा और उसके नेता पहले डॉलर के मुकाबले रुपये के 40 के स्तर पर होने को लेकर जोर-शोर से हंगामा किया करते थे। लेकिन अब जब रुपया 91.99 से 92 के स्तर पर पहुंच गया है, तो वही लोग नागरिकों को स्पष्टीकरण देने की जरूरत भी नहीं समझते।
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आम जनता पर पड़ेगा असर
विशेषज्ञों के अनुसार, रुपये की गिरावट से ईंधन, खाद्य तेल, इलेक्ट्रॉनिक सामान और अन्य आयातित वस्तुएं महंगी हो सकती हैं। इसका सीधा असर आम लोगों की जेब और महंगाई पर पड़ेगा।
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विपक्ष का बढ़ता दबाव
रुपये की कमजोरी को लेकर विपक्षी दल लगातार केंद्र सरकार पर दबाव बना रहे हैं। आदित्य ठाकरे के इस बयान के बाद यह मुद्दा फिर से राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। फिलहाल भाजपा या केंद्र सरकार की ओर से रुपये की गिरावट पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
