NEET Paper Leak: रोहित पवार का दावा- नीट यूजी री-एग्जाम का पेपर भी हुआ लीक, सबूतों के साथ जांच की मांग
Mumbai NEET Leak Allegation: एनसीपी विधायक रोहित पवार का दावा: 21 जून को आयोजित NEET-UG री-एग्जाम का पेपर गुजरात में 3 दिन पहले ही लीक हुआ था। उन्होंने ईमेल और सबूत साझा कर जांच मांगी।
- Written By: रूपम सिंह
रोहित पवार फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
Rohit Pawar NEET UG Re Exam Paper Leak Claim: देश में पेपर लीक को लेकर सड़क से लेकर संसद में चल रहे बवाल के बीच राकां शरद पवार गुट के विधायक रोहित पवार ने दावा किया है कि नीट-यूजी री-एग्जाम के पेपर भी लीक हुए थे। उन्होंने सबूतों के साथ आरोप लगाया कि परीक्षा से 3 दिन पहले ही गुजरात में प्रश्न पत्र लीक हो गया था। रोहित ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर पोस्ट के साथ कुछ दस्तावेज भी साझा किए। इसमें एक ईमेल थ्रेड भी।
शामिल है। उन्होंने जांच एजेंसियों और केंद्रीय एजेंसियों से इस पूरे मामले की जांच करने और कथित पेपर लीक के मास्टरमाइंड का पता लगाने की अपील की है। राकां विधायक ने कहा कि जांच एजेंसी बिना किसी राजनीतिक दबाव में आए पेपर लीक नेटवर्क के मुख्य आरोपियों का
21 जून को हुई थी नीट की पुनर्परीक्षा
3 मई को नीट परीक्षा का आयोजन किया गया था लेकिन पेपर लीक की शिकायतों के बाद 12 मई को यह परीक्षा रद्द करने की घोषणा हुई। इसके बाद एनटीए ने 21 जून 2026 को दोबारा परीक्षा आयोजित की गई थी लेकिन इस परीक्षा के भी प्रश्न पत्र लीक होने के दावे से कई तरह के सवाल खड़े हो रहे है। इस मामले को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के आदोलन के चाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा।
सम्बंधित ख़बरें
CM फडणवीस का बयान: कम समय में अतिवृष्टि से ड्रेनेज सिस्टम पर पड़ा दबाव, 3 स्कूलों से सुरक्षित निकाले गए छात्र
राहुल गांधी पर फडणवीस का हमला, छात्रों के भविष्य का विजन नहीं, सिर्फ अराजकता फैलाने का एजेंडा
बॉलीवुड एक्ट्रेस कीर्ति कुल्हारी का क्रेडिट कार्ड हैक, मिनटों में खाते से उड़े ₹2.43 लाख; पुलिस में मामला दर्ज
अपराध होने का इंतजार कर रही सरकार? एंटी पेपर लीक बिल पर CJP का बया बयान, पैलेट गन मामले पर भी मांगा जवाब
यह भी पढ़ें: – राहुल गांधी पर फडणवीस का हमला, छात्रों के भविष्य का विजन नहीं, सिर्फ अराजकता फैलाने का एजेंडा
खुलासा करे। इससे पहले रोहित ने महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग की ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा में कथित घोटाले का आरोप लगाया था। उन्होंने दावा किया था कि डीआई परीक्षा के पेपर 12 लाख रुपये में बेचने की डील हुई थी। इसके लिए 5 लाख रुपये एडवांस में दिए गए थे और 7 लाख रुपये बाद में दिए जाने थे। इस आरोप के बाद एमपीएससी नींद से जाग गया और मामले की जांच शुरू कर दी।
