वाहन चालकों पर बोझ! महाराष्ट्र में बढ़ेगी PUC दरें, सरकार जल्द ले सकती है फैसला

अब महाराष्ट्र में गाड़ियों का PUC करवाना और भी महंगा साबित हो सकता है। हाल ही में परिवहन विभाग द्वारा गठित समिति ने इनकी दरों में 16 से 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी की सिफारिश की है।
अब महाराष्ट्र में गाड़ियों का PUC करवाना और भी महंगा साबित हो सकता है। हाल ही में परिवहन विभाग द्वारा गठित समिति ने इनकी दरों में 16 से 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी की सिफारिश की है।
पीयूसी सर्टिफिकेट (सौ. सोशल मीडिया )
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Mumbai News In Hindi: राज्यभर में वाहनों का प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसी) अब महंगा होने की संभावना है। परिवहन विभाग द्वारा गठित समिति ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है, जिसमें दरों में 16 से 20 प्रतिशत बढ़ोतरी की सिफारिश की गई है।

शासन की मंजूरी मिलते ही नई दर लागू कर दी जाएगी और इसके लिए शासनादेश भी जारी होगा। दरअसल, पीयूसी दरों की आखिरी बार समीक्षा 2022 में हुई थी। उसके बाद से चार साल तक यह शुल्क स्थिर रहा। इस बीच जांच प्रक्रिया तकनीकी रूप से आधुनिक हो चुकी है, लेकिन शुल्क पुराने ही चलते रहे।

अब विभाग ने दिल्ली, मध्य प्रदेश, कर्नाटक और गोवा सहित पांच राज्यों की तुलना कर नई दर तय करने की कवायद पूरी की है। अधिकारियों के अनुसार, नए दर लागू होने के बाद राज्यभर में सभी वाहनों पर एक समान शुल्क लागू किया जाएगा। फिलहाल दोपहिया, तीनपहिया, चारपहिया और भारी वाहनों के लिए अलग-अलग शुल्क वसूला जाता है।

परिवहन विभाग का तर्क है कि तकनीक, उपकरण और ऑपरेशन लागत बढ़ने के बावजूद पीयूसी दरों में संशोधन नहीं हुआ + था। प्रदूषण नियंत्रण के कड़े मानकों के बीच जांच केंद्रों का खर्च बढ़ा है, इसलिए दरों में बढ़ोतरी अनिवार्य है।

हालांकि, वाहन धारकों के लिए यह सीधे-सीधे जेब पर असर डालने वाला कदम साबित वाहन मेंटेनेंस लागत से लोग परेशान हैं। पहले ही बढ़ते ईंधन दाम और ऐसे में पीयूसी दरों का बढ़ना आम नागरिकों को नागवार गुजर सकता है। दूसरी ओर, विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदूषण नियंत्रण की प्रक्रिया यदि पारदर्शी और प्रभावी ढंग से लागू होती है तो इसका सीधा लाभ पर्यावरण और आम लोगों को मिलेगा।

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