

Mumbai Pune Rail Lonavala Karjat Landslide: लोनावला-कर्जत घाट सेक्शन में सोमवार तड़के हुए भूस्खलन के बाद मुंबई-पुणे रेल यातायात 36 घंटे से अधिक समय से पूरी तरह ठप है। मंगलवार को बारिश की तीव्रता कुछ कम हुई, लेकिन घाट क्षेत्र में रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण मरम्मत कार्य में लगातार बाधा आ रही है। मध्य रेलवे तीनों रेल लाइनों को जल्द से जल्द बहाल करने के प्रयास में जुटा है।
ठाकुरवाड़ी-मंकी हिल और मंकी हिल-खंडाला के बीच दो स्थानों पर सोमवार तड़के बड़े पैमाने पर भूस्खलन हुआ था। सुरक्षा के मद्देनजर घाट सेक्शन की तीनों रेल लाइनों पर यातायात पूरी तरह बंद कर दिया गया। इसके कारण देश के सबसे व्यस्त मुंबई-पुणे रेल मार्ग पर किसी भी दिशा में ट्रेनों का संचालन संभव नहीं हो पाया। मंगलवार को बारिश कुछ कम जरूर हुई, लेकिन घाट क्षेत्र में अब भी रुक-रुककर वर्षा जारी है। पहाड़ियों से मिट्टी और छोटे पत्थर खिसकने का खतरा बना हुआ है। इसलिए मरम्मत का काम
अत्यंत सावधानी से किया जा रहा है। रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए चरणबद्ध तरीके से रेल सेवा बहाल की जाएगी। 400 से अधिक कर्मचारी और इंजीनियर लगातार जुटे घाट सेक्शन में मरम्मत कार्य के लिए मध्य रेलवे ने बड़ी मशीनरी और मानवबल तैनात किया है।
400 से अधिक कर्मचारी और इंजीनियर दिन-रात कार्य कर रहे हैं। 10 से 12 जेसीबी और अन्य भारी मशीनों की मदद से पटरियों पर गिरी मिट्टी, चट्टानों और पेड़ों को हटाया जा रहा है। इसके साथ ही ओवरहेड वायर, सिग्नल प्रणाली और रेल पटरियों की गहन जांच भी की जा रही है। सभी सुरक्षा परीक्षण पूरे होने के बाद ही संबंधित लाइन पर
मुंबई ट्रेनों का संचालन शुरू किया जाएगा।
घाट सेक्शन बंद होने से मुंबई-पुणे मार्ग और दक्षिण भारत जाने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों का संचालन भी प्रभावित हुआ है। मध्य रेलवे के अनुसार अब तक 41 ट्रेनें रद्द, 59 ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित, 42 ट्रेने शॉर्ट टर्मिनेट अथवा शॉर्ट ओरिजिनेट और 4 ट्रेनों का समय बदला गया है। इस प्रकार अब तक कुल 146 ट्रेने प्रभावित हुई हैं। कई ट्रेनों को इगतपुरी-मनमाड-दौंड और सूरत-मनमाड-दौंड जैसे वैकल्पिक मार्गों से चलाया जा रहा है।