राहुल गांधी-रवनीत बिट्टू विवाद पर प्रियंका चतुर्वेदी का बड़ा बयान, कहा- संसद में खत्म हो रहा है संवाद

Rahul Gandhi vs Ravneet Singh Bittu: संसद के बाहर राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत बिट्टू की तीखी नोकझोंक ने सियासी माहौल गरमा दिया। इस पर शिवसेना (UBT) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने सवाल उठाए।
Rahul Gandhi Ravneet Singh Bittu clash Priyanka Chaturvedi Reaction
शिवसेना यूबीटी सांसद प्रियंका चतुर्वेदी (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Priyanka Chaturvedi Reaction: भारतीय संसद के बाहर का नजारा गुरुवार को काफी तनावपूर्ण रहा, जहां विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच जारी राजनीतिक कड़वाहट व्यक्तिगत हमलों तक पहुंच गई। लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच हुई तीखी नोकझोंक ने देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवसेना (UBT) की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने संसद में संवाद के खत्म होते स्तर और बढ़ती कड़वाहट पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

क्या था पूरा मामला?

घटना बुधवार, 4 फरवरी की है, जब बजट सत्र के दौरान निलंबित किए गए विपक्षी सांसद संसद भवन के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शनकारी सांसद हाथों में तख्तियां लिए हुए थे, जिन पर "PM is compromised" जैसे नारे लिखे थे। इसी दौरान जब केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू प्रदर्शनकारियों के पास से गुजरे, तो राहुल गांधी ने उन पर तंज कसा। राहुल गांधी ने उन्हें "गद्दार" संबोधित किया और हाथ मिलाने की पेशकश करते हुए कहा कि "हेलो भाई, मेरे गद्दार दोस्त। चिंता मत करो, तुम (कांग्रेस में) वापस आओगे।" राहुल गांधी की इस टिप्पणी का जवाब रवनीत बिट्टू ने बेहद कड़े शब्दों में दिया। उन्होंने हाथ मिलाने से इनकार कर दिया और राहुल गांधी को "देश का दुश्मन" करार दिया। गौरतलब है कि रवनीत बिट्टू साल 2024 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे, जिसे लेकर राहुल गांधी ने उन पर यह 'गद्दार' वाली टिप्पणी की थी।

प्रियंका चतुर्वेदी की तीखी प्रतिक्रिया

इस पूरे घटनाक्रम पर शिवसेना (UBT) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने दोनों पक्षों के बीच इस्तेमाल की गई भाषा की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि यह विवाद संसद में बढ़ती दुश्मनी और कड़वाहट का प्रतिबिंब है। चतुर्वेदी के अनुसार, संसद में अब न तो कोई संवाद बचा है और न ही कोई बीच का रास्ता निकालने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने भाजपा पर इस मुद्दे का अनावश्यक राजनीतिकरण करने का आरोप लगाते हुए पूछा कि यह राष्ट्र का अपमान कैसे हो गया? भाजपा हर घटना में राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश करती है।

संसद में गतिरोध का कारण

यह विवाद तब और बढ़ गया जब लोकसभा के आठ विपक्षी सदस्यों को बजट सत्र के शेष समय के लिए निलंबित कर दिया गया। इन सांसदों पर सदन के नियमों का उल्लंघन करने और अध्यक्ष की कुर्सी की ओर कागज फेंकने का आरोप है। यह हंगामा राहुल गांधी द्वारा 2020 के भारत-चीन गतिरोध और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर प्रधानमंत्री के खिलाफ लगाए गए आरोपों के बाद शुरू हुआ था।

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