सड़क पर नमाज़ गलत तो रास्ता रोककर योग क्यों? मुंबई में मस्जिद के बाहर रास्ते पर याेग करने पर बरसीं रागिनी नायक

Mumbai Yoga Controversy: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर मुंबई की मिनारा मस्जिद के बाहर सड़क पर किए गए योग कार्यक्रम पर राजनीतिक बहस छिड़ गई है। रागिनी नायक ने भाजपा सरकार पर तीखा प्रहार किया है।
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मस्जिद के बाहर योग (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Ragini Nayak Criticizes BJP Yoga Outside Minara Masjid: अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जहां एक ओर पूरे देश में योग के विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए, वहीं मुंबई में एक अनूठे आयोजन ने नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है। मुंबई की मशहूर मिनारा मस्जिद के बाहर भाजपा द्वारा आयोजित योग कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस ने कड़ा रुख अपनाया है। कांग्रेस नेता रागिनी नायक ने इस आयोजन को भाजपा के दोहरे मापदंड का प्रतीक बताते हुए तीखे सवाल खड़े किए हैं।

दरअसल, योग दिवस के मौके पर मुंबई में मिनारा मस्जिद के ठीक बाहर की पूरी सड़क को घेरकर दरी और मैट बिछाई गई थी ताकि वहां मुस्लिम समुदाय के लोग योग कर सकें। इस कार्यक्रम को भाजपा द्वारा आयोजित किया गया था। इसी दृश्य पर प्रतिक्रिया देते हुए रागिनी नायक ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया। उन्होंने तर्क दिया कि जब मुस्लिम समुदाय के लोग सड़क पर नमाज़ पढ़ते हैं, तो उसे गलत ठहराया जाता है और कार्रवाई की बात की जाती है, लेकिन वही सड़क जब योग के लिए घेरी जाती है, तो उसे बढ़िया माना जाता है।

नमाज़ पर बुलडोजर और योग पर वाहवाही

रागिनी नायक ने एनडीए शासित राज्यों, विशेषकर उत्तर प्रदेश का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां रमजान के दौरान सड़क पर नमाज़ पढ़ने और कुर्बानी देने पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए थे। उन्होंने याद दिलाया कि कई जगहों पर सड़क पर नमाज़ पढ़ने वालों को 'बुलडोजर' की धमकी तक दी गई थी। नायक का कहना है कि महाराष्ट्र में भी वही एनडीए की सरकार है जिसे सड़क पर नमाज़ से दिक्कत थी, फिर आज अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर मस्जिद के सामने रास्ता रोककर योग कराना विरोधाभासी क्यों नहीं है?

विरोध का मुख्य स्वर

रागिनी नायक ने सोशल मीडिया और अन्य मंचों पर अपना गुस्सा जाहिर करते हुए पूछा, सड़क पर नमाज़ गलत तो रास्ता रोककर योग क्यों? उनके अनुसार, यह भाजपा की राजनीति का एक बड़ा विरोधाभास है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा के लिए मुसलमान सड़क पर योग करेगा, तो बढ़िया है, लेकिन वही मुसलमान अगर सड़क पर नमाज़ पढ़ेगा, तो बुलडोजर तैयार है।

यह मामला अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जहाँ लोग धर्म, सार्वजनिक स्थान और सरकार के नियमों को लेकर अपनी-अपनी राय रख रहे हैं। फिलहाल, मिनारा मस्जिद के बाहर हुए इस 'योगा ऑन द रोड' ने एक बार फिर देश में सड़कों के उपयोग और धार्मिक आयोजनों पर नई चर्चा शुरू कर दी है।