

Aadhaar Card Mandatory For Property Registration: महाराष्ट्र में संपत्ति से जुड़े दस्तावेज के रजिस्ट्रेशन को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है।
1 अक्टूबर से राज्यभर में 63 प्रकार के दस्तावेज के पंजीकरण के लिए आधार आधारित पहचान अनिवार्य होगा। सामान्य परिस्थितियों में आधार पहचान के बिना दस्त का पंजीकरण नहीं किया जाएगा।
राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश पर यह निर्णय संपत्ति लेन-देन में होने वाली धोखाधड़ी पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से लिया गया है। इस संबंध में सरकार की ओर से जीआर भी जारी किया गया है। संपत्ति की खरीद-बिक्री, गिरवीपत्र और बंटवारे समेत 63 प्रकार के दस्तों के लिए आधार पहचान जरूरी होगा।
राजस्व विभाग के अंतर्गत आने वाले पंजीकरण एवं मुद्रांक विभाग के माध्यम से स्थावर संपत्तियों से संबंधित दस्तों का पंजीकरण किया जाता है। सरकार के अनुसार, मौजूदा प्रक्रिया में फर्जी पक्षकार और गवाह खड़े कर दस्त पंजीकरण कराने जैसी गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आती रही हैं।
नई व्यवस्था में आधार आधारित पहचान सत्यापन से दस्त में शामिल व्यक्तियों की पहचान सुनिश्चित की जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे पंजीकरण प्रक्रिया में मानवीय हस्तक्षेप कम होगा और कामकाज अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनेगा।
नए प्रावधान के तहत संपत्ति की खरीद, बिक्री, गिरवी, विभाजन सहित कुल 63 प्रकार के दस्तों के पंजीकरण में आधार पहचान का इस्तेमाल किया जाएगा। संबंधित व्यक्ति की पहचान आधार के माध्यम से सत्यापित किए जाने के बाद ही दस्त पंजीकरण की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा।
हालांकि, जिन लोगों के पास अभी आधार नंबर उपलब्ध नहीं है, उनके लिए अधिसूचना में वैकल्पिक व्यवस्था भी की गई है। ऐसे व्यक्तियों को आधार पंजीकरण की रसीद के साथ अन्य सरकारी पहचान-पत्र और संबंधित पक्षकार से अपने संबंध को साबित करने वाले आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।
18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के मामले में उनके माता-पिता या कानूनी अभिभावक की सहमति से आधार पंजीकरण की प्रक्रिया की जाएगी। अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि केवल आधार नंबर उपलब्ध नहीं होने के कारण किसी बच्चे या पात्र व्यक्ति को दस्त पंजीकरण की सुविधा से वंचित नहीं किया जाएगा।