मातोश्री में 'महाभारत': प्रियंका चतुर्वेदी और संजय राउत के बीच तीखी झड़प, उद्धव ठाकरे ने लगाई क्लास

Priyanka Chaturvedi vs Sanjay Raut: उद्धव ठाकरे की बैठक में प्रियंका चतुर्वेदी और संजय राउत के बीच राज्यसभा टिकट को लेकर तीखी बहस हुई। उद्धव ने राउत का बचाव करते हुए सांसदों को चेतावनी दी।
Priyanka Chaturvedi vs Sanjay Raut
Priyanka Chaturvedi vs Sanjay Raut (फोटो क्रेडिट-X)
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Priyanka Chaturvedi And Sanjay Raut: शिवसेना (UBT) के शक्ति केंद्र 'मातोश्री' में हुई सांसदों की हालिया बैठक की अंदरूनी कहानी अब बाहर आ गई है, जिसने पार्टी के भीतर सुलगती गुटबाजी और असंतोष को उजागर कर दिया है। राज्यसभा सदस्य प्रियंका चतुर्वेदी और पार्टी के मुख्य प्रवक्ता संजय राउत के बीच तीखी नोकझोंक ने उद्धव ठाकरे के सामने एक नई चुनौती पेश कर दी है।

बैठक में चतुर्वेदी ने न केवल अपनी नाराजगी जाहिर की, बल्कि पार्टी के फैसलों पर सीधे सवाल उठाकर सबको चौंका दिया।

नामांकन और शरद पवार: प्रियंका चतुर्वेदी का तीखा प्रहार

बैठक के दौरान प्रियंका चतुर्वेदी का गुस्सा संजय राउत पर फूट पड़ा। उन्होंने आक्रामक लहजे में कहा, "मैं विरोध दर्ज कराना चाहती हूँ।" चतुर्वेदी की नाराजगी का मुख्य कारण राज्यसभा चुनाव को लेकर संजय राउत के बयान थे। राउत ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि शरद पवार राज्यसभा चुनाव लड़ने के इच्छुक हैं। चतुर्वेदी का मानना है कि इस बयानबाजी के कारण ही महा विकास अघाड़ी (MVA) से नामांकन उनके बजाय शरद पवार को मिल गया। उन्होंने राउत की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए पूछा कि वह पार्टी की आधिकारिक नीति के बाहर जाकर ऐसे बयान क्यों दे रहे थे?

उद्धव ठाकरे का सख्त रुख: "पार्टी प्रमुख मैं हूँ"

प्रियंका चतुर्वेदी के आक्रामक रुख को देखते हुए उद्धव ठाकरे को बीच-बचाव करना पड़ा। ठाकरे ने राउत का पक्ष लेते हुए स्पष्ट किया कि उम्मीदवारी को लेकर अंतिम फैसला उनका स्वयं का था। उन्होंने चतुर्वेदी को टोकते हुए कहा, "भले ही कोई (राउत) कुछ भी बयान दे, लेकिन पार्टी प्रमुख मैं हूँ और अंतिम निर्णय मेरा ही होता है।" इसी बीच, बैठक में मौजूद अन्य सांसदों ने भी चतुर्वेदी पर पलटवार किया। सांसदों ने उनके पिछले छह साल के कार्यकाल की उपलब्धियों पर सवाल उठाते हुए पूछा कि उन्होंने सांसद के रूप में जमीनी स्तर पर क्या ठोस काम किया है।

आदित्य ठाकरे की नाराजगी और 'फूट' का डर

बैठक का माहौल तब और तनावपूर्ण हो गया जब उद्धव ठाकरे ने सांसदों से सीधा संवाद किया। ठाकरे ने भावुक होते हुए कहा, "एनसीपी के लोग कहते हैं कि आपके सांसद फूट डालने वाले हैं, लेकिन मुझे आप पर भरोसा है। मैं आपके भरोसे पर यह लड़ाई लड़ रहा हूँ। अगर आप नहीं लड़ना चाहते, तो बता दीजिए, मैं पीछे हट जाऊँगा।" इसी दौरान सांसदों ने मांग की कि आदित्य ठाकरे को पूरे महाराष्ट्र का दौरा करना चाहिए, जिस पर आदित्य ने स्वयं नाराजगी जताई। सूत्रों के अनुसार, नेतृत्व और सांसदों के बीच समन्वय की कमी इस बैठक में साफ दिखाई दी।

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