वोटर लिस्ट से नाम गायब! प्रियंका चतुर्वेदी का दावा- सारे डॉक्यूमेंट दिए, फिर भी लिस्ट से हटाया नाम

Priyanka Chaturvedi Voter List: महाराष्ट्र में SIR प्रक्रिया के बीच ठाकरे गुट नेता प्रियंका चतुर्वेदी का दावा- जरूरी दस्तावेज जमा करने के बाद भी वोटर लिस्ट से उनका और परिवार का नाम हटाया गया।
priyanka chaturvedi claims family name deleted from voter list eci
प्रियंका चतुर्वेदी (सोर्स: सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Priyanka Chaturvedi On SIR: महाराष्ट्र में विशेष एसआईआर की चल रही प्रक्रिया के दौरान शिवसेना ठाकरे गुट की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने चुनाव अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाया है।

प्रियंका चतुर्वेदी ने दावा किया है कि दस्तावेज जमा करने के बाद उनके परिवार का नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया है।

एक्स पर प्रियंका चतुर्वेदी का तंज

प्रियंका चतुर्वेदी ने एक्स पर पोस्ट किया, एसआईआर प्रक्रिया के दौरान सभी जरूरी दस्तावेज जमा करने के बाद मेरे पति, बेटे और मेरा नाम शुरुआती वोटर लिस्ट में शामिल किया गया था।

अब हमें बताया गया है कि वोटर लिस्ट से हम तीनों के नाम हटा दिए गए हैं और मुंबई की फाइनल वोटर लिस्ट में नाम शामिल करवाने के लिए हमें और दस्तावेज जमा करने होंगे और खुद जाकर पेश होना होगा। चलिए, मुंबई के चुनाव कार्यालय की लाइन में मिलते हैं।

चुनाव आयोग की अंदरूनी कलह का खुलासा

इसके अलावा, एसआईआर प्रक्रिया में गड़बड़ियों पर दो चुनाव आयुक्तों की आपत्ति वाली खबर पर प्रियंका चतुर्वेदी ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं। प्रियंका चतुर्वेदी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट में कहा, सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी तीन चुनाव आयुक्तों में से दो हैं जबकि तीसरे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार हैं।

पिछले 10 महीनों में इन दोनों आयुक्तों ने एसआईआर रोलआउट के दौरान आयोग के उठाए गए कदमों पर 14 बार आधिकारिक तौर पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि उन्हें वोटरों के नाम जोड़ने, हटाने और बहाल करने के बारे में अंधेरे में रखा गया है।चुनाव आयुक्तों ने नए वोटरों से जुड़े कदमों को 'अनधिकृत और गैरकानूनी' बताया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि वोटर डेटाबेस का एक्सेस दिल्ली में सेंट्रलाइज किया जा रहा है। उन्होंने कहा है कि जमीनी स्तर पर काम करने वाले अधिकारियों को नजरअंदाज किया गया है।

priyanka chaturvedi claims family name deleted from voter list eci
तुकाराम मुंढे के फैसले को राष्ट्रपति का समर्थन? हानिकारक उत्पादों के एंडोर्समेंट पर स्टार्स से की बड़ी अपील

चुनाव आयोग किसी की जागीर नहीं

प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, अब मुख्य चुनाव आयुक्त के पद छोड़ने का समय आ गया है। इस खुलासे ने चुनाव आयोग के कामकाज में मौजूद समस्याओं को सबके सामने ला दिया है।

यह कोई ऐसी जागीर नहीं है, जिसे मुख्य चुनाव आयुक्त अपनी मर्जी से चलाएं बल्कि यह नियमों पर आधारित एक वैधानिक संस्था है, जिसका मकसद चुनावी रोल और चुनावों की निष्पक्षता बनाए रखना है। बाकी दो चुनाव आयुक्तों ने जो भी आपत्तियां उठाई हैं, उनसे साफ पता चलता है कि ऐसा नहीं हो रहा था।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com