मुंबई में नशे का बढ़ता जाल: 6 महीने में 4,012 NDPS केस, 206 करोड़ से ज्यादा के ड्रग्स जब्त

Mumbai Police NDPS Cases: मुंबई में जनवरी से जून 2026 के बीच 4,012 NDPS मामले दर्ज हुए और 206 करोड़ रुपये से अधिक की ड्रग्स जब्त की गई। 3,787 आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार।
Mumbai Police register 4,012 NDPS cases and seize drugs worth over ₹206 crore from January to June 2026, arresting 3,787 individuals
मुंबई में ड्रग्स प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Mumbai Anti Narcotics Cell Drug Seizure: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में मादक पदार्थों का नेटवर्क लगातार फैलता नजर आ रहा है। मुंबई पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से जून 2026 के बीच एनडीपीएस अधिनियम के तहत 4,012 मामले दर्ज किए गए। इनमें 586 मामले मादक पदार्थ रखने और 3,426 मामले नशीले पदार्थों के सेवन से जुड़े थे। इस अवधि में पुलिस ने 3,787 लोगों को गिरफ्तार किया और ₹206.38 करोड़ से अधिक मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए। पुलिस का मानना है कि शहर में अब केवल सप्लाई ही नहीं, बल्कि ड्रग्स की बढ़ती मांग भी गंभीर चुनौती बन चुकी है।

एमडी सबसे महंगा जब्त किया गया ड्रग

पुलिस के मुताबिक, छह महीनों के दौरान 428.45 किलोग्राम गांजा, 45.64 किलोग्राम एमडी (मेफेड्रोन), 12.63 किलोग्राम चरस, 2.77 किलोग्राम हेरोइन, 0.85 किलोग्राम कोकीन, 4.98 किलोग्राम अन्य मादक पदार्थ, 215 नशीली गोलियां और 95.8 लीटर कफ सिरप बरामद किया गया। मात्रा के लिहाज से गांजा सबसे अधिक जब्त हुआ, जबकि मूल्य के आधार पर एमडी सबसे महंगा नशीला पदार्थ रहा। केवल एमडी की जब्ती का मूल्य लगभग ₹146.7 करोड़ रहा, जो कुल जब्त ड्रग्स के मूल्य का करीब 71 प्रतिशत है।

सेवन के मामले तस्करी से अधिक

आंकड़े बताते हैं कि ड्रग्स के सेवन से जुड़े मामलों की संख्या तस्करी और ड्रग्स रखने के मामलों की तुलना में कहीं अधिक है। इससे संकेत मिलता है कि शहर में नशे की मांग तेजी से बढ़ रही है। इसी कारण मुंबई पुलिस एंटी-नारकोटिक्स यूनिट और स्थानीय पुलिस स्टेशनों के माध्यम से सड़क स्तर पर ड्रग्स बेचने वालों के साथ-साथ संगठित तस्करी नेटवर्क पर भी कार्रवाई कर रही है।

पिछले वर्ष भी सामने आई थी गंभीर तस्वीर

यह पहली बार नहीं है जब ड्रग्स को लेकर चिंताजनक आंकड़े सामने आए हैं। वर्ष 2025 में दर्ज 7,623 एनडीपीएस मामलों में से 6,482 मामले नशीले पदार्थों के सेवन से जुड़े थे। उसी वर्ष पुलिस ने लगभग ₹857.12 करोड़ मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए थे, जिससे समस्या की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

सप्लाई नेटवर्क तोड़ने के साथ मांग पर लगाम जरूरी

राज्यभर में वर्ष 2021 से 2025 के बीच लगभग 5.7 टन एमडी जब्त की गई, जिसकी अनुमानित कीमत ₹6,550 करोड़ थी। विशेषज्ञों का मानना है कि नशे के इस नेटवर्क पर प्रभावी नियंत्रण के लिए केवल तस्करी पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं होगी। युवाओं में बढ़ती नशे की लत को रोकने, जागरूकता बढ़ाने और पुनर्वास व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ एंटी ड्रग्स की सप्लाई चेन को पूरी तरह ध्वस्त करना भी आवश्यक है।

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