

Parth Pawar Cabinet Minister: महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर भारी हलचल शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ सत्तारूढ़ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) और विपक्षी एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख नेताओं की देर रात हुई मुलाकातों ने नए राजनीतिक समीकरणों को हवा दे दी है।
इस बीच, दिल्ली की सत्ता में भी बड़े बदलाव की सुगबुगाहट तेज है। यदि केंद्र की एनडीए (NDA) सरकार के कैबिनेट में फेरबदल होता है, तो एनसीपी इसमें अपनी मजबूत हिस्सेदारी चाहती है। अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, एनसीपी के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल और युवा चेहरा पार्थ पवार दोनों ही केंद्रीय मंत्री पद की रेस में शामिल हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि आगामी विस्तार में राज्यसभा सांसद पार्थ पवार को मंत्रिपरिषद में प्रतिनिधित्व दिया जाए, हालांकि अंतिम निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पाले में डाल दिया गया है।
पार्थ पवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल करने की यह मांग तब सार्वजनिक हुई, जब एनसीपी महाराष्ट्र इकाई के पदाधिकारी उदय अहिरे ने पार्टी अध्यक्ष व उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को एक पत्र लिखा। इस पत्र में उन्होंने पार्थ पवार को मंत्री पद दिए जाने पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म हो गया।
इस विषय पर स्थिति स्पष्ट करते हुए एनसीपी के मुख्य प्रवक्ता उमेश पाटिल ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल के कार्यकर्ताओं में अपने युवा नेता को देश के शीर्ष पटल पर देखने की इच्छा होना बेहद स्वाभाविक है। उदय अहिरे ने पत्र के माध्यम से केवल जमीनी कार्यकर्ताओं की भावनाओं को नेतृत्व के सामने व्यक्त किया है, इसमें कुछ भी गलत नहीं है।
प्रवक्ता उमेश पाटिल ने आगे स्पष्ट किया कि एनडीए के एक वफादार घटक दल के रूप में एनसीपी को पूरी उम्मीद है कि जब भी केंद्रीय मंत्रिमंडल का आगामी विस्तार होगा, पार्टी को उसमें उचित प्रतिनिधित्व मिलेगा। हालांकि, उन्होंने साफ शब्दों में कहा, "मंत्रिमंडल में किसे शामिल किया जाना है और किसे नहीं, यह पूरी तरह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संवैधानिक विशेषाधिकार है। इसके अलावा, इस विषय पर स्वयं पार्थ पवार और पार्टी अध्यक्ष सुनेत्रा पवार को भी अंतिम निर्णय लेना होगा।"
पार्टी के रणनीतिकारों का मानना है कि इस साल अप्रैल में महाराष्ट्र से राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने वाले पार्थ पवार को यदि केंद्रीय टीम में अवसर मिलता है, तो वह एक युवा चेहरे के तौर पर संगठन को नई ऊर्जा दे सकते हैं और राज्य में पार्टी का जनाधार बढ़ाने में मददगार साबित होंगे।
वर्तमान में महाराष्ट्र के भीतर बीजेपी, एकनाथ शिंदे की शिवसेना और सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी मिलकर सरकार चला रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से महायुति और खुद एनसीपी के भीतर कुछ मुद्दों पर आंतरिक मतभेद की खबरें लगातार मीडिया में आ रही हैं। हालांकि, पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल और प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने इन खबरों को पूरी तरह से निराधार और काल्पनिक बताया है।
इन दावों के विपरीत, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के आधिकारिक आवास पर सत्तापक्ष और विपक्ष (शरद पवार गुट) के नेताओं की देर रात हुई गोपनीय बैठक ने राज्य के राजनीतिक तापमान को बढ़ा दिया है। अब सभी की निगाहें दिल्ली पर टिकी हैं कि पीएम मोदी एनसीपी की इस नई मांग पर क्या रुख अपनाते हैं।