

Mumbai News In Hindi: लंदन निवासी अनिवासी भारतीय (एनआरआई), लेखक और पेशे से डॉक्टर संग्राम पाटिल को मुंबई एयरपोर्ट पर उतरते ही पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
डॉ पाटिल सोशल मीडिया पर अक्सर केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ अपनी बेबाक राय और आलोचनात्मक रुख के लिए जाने जाते हैं। चर्चा है कि सरकार के विरोध में लगातार भूमिका निभाने के कारण ही उन पर यह कार्रवाई की गई है।
डॉ संग्राम पाटिल कोविड महामारी के दौरान काफी चर्चा में आए थे। उन्होंने यूट्यूब के माध्यम से लोगों को मेडिकल मार्गदर्शन देकर मदद की थी। वे एक सामाजिक कार्यकर्ता के तौर पर भी सक्रिय हैं। मानवाधिकार कार्यकर्ता एडवोकेट असीम सरोदे ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उनकी हिरासत की जानकारी दी।
एडवोकेट असीम सरोदे के मुताबिक, डॉ पाटिल जैसे ही लंदन से मुंबई पहुंचे, पुलिस ने उन्हें एयरपोर्ट पर ही रोक लिया। उन्हें और उनकी पत्नी को तड़के 2 बजे से पूछताछ के नाम पर हिरासत में रखा गया। सरोदे ने इसे अन्यायपूर्ण और उत्पीड़न की कार्रवाई बताया है।
उन्होंने कहा, "पुलिस शायद उनसे अच्छे व्यवहार का बॉन्ड भरवाकर और कुछ शर्तें लगाकर छोड़ सकती है। हम कानूनी मदद के लिए तैयार हैं, लेकिन पुलिस को किसी राजनीतिक दबाव में आकर अपने अधिकारों का दुरुपयोग नहीं करना चाहिए।"
डॉ पाटिल को हिरासत में लिए जाने की खबर फैलते ही सोशल मीडिया और सियासी गलियारों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कांग्रेस नेता हर्षवर्धन सपकाल ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए सरकार से सवाल किया, क्या भारत में लोकतंत्र अभी भी जीवित है?" उन्होंने कहा कि एक अंतरराष्ट्रीय स्तर के डॉक्टर और बेबाक वक्ता को इस तरह एयरपोर्ट पर रोकना देश की छवि को धूमिल करता है। कांग्रेस ने मांग की है कि मुंबई पुलिस और गृह मंत्रालय तत्काल स्पष्ट करें कि उन्हें किस जुर्म में रोका गया है।