

Nitesh Rane Comment On Uddhav Thackeray: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव और राज्य की मौजूदा राजनीतिक सरगर्मियों के बीच सत्ताधारी महायुति और महाविकास अघाड़ी के नेताओं के बीच जुबानी जंग बेहद निचले स्तर पर पहुंच गई है। भारतीय जनता पार्टी के फायरब्रांड नेता और विधायक नितेश राणे ने शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे पर अब तक का सबसे विवादित और तीखा हमला बोला है।
नितेश राणे ने उद्धव ठाकरे को 'पाकिस्तानी एजेंट' करार देते हुए कहा कि उनका नाम बदलकर 'उद्धव उल्ला हक' या 'उद्धव अल हक' कर दिया जाना चाहिए। राणे का यह गुस्सा उद्धव ठाकरे के उस ऐलान के बाद फूटा है, जिसमें उन्होंने अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे के कथित गबन के विरोध में 5 जुलाई 2026 को दादर के हनुमान मंदिर में 'राम रक्षा' आंदोलन करने की घोषणा की है।
मुंबई में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए नितेश राणे ने आरोप लगाया कि उद्धव ठाकरे की राजनीतिक सोच पूरी तरह से बदल चुकी है और वे भारत विरोधी ताकतों के सुर में सुर मिला रहे हैं। राणे ने दावा किया, "जैसे पाकिस्तान के लोग भारत और हमारे सांस्कृतिक प्रतीकों के खिलाफ जहर उगलते हैं, ठीक वैसी ही भाषा आज उद्धव ठाकरे बोल रहे हैं।
वे केवल पाकिस्तान में बैठे अपने 'अब्बा' (राजनीतिक आकाओं) को खुश करना चाहते हैं। राम मंदिर जैसे पवित्र मुद्दे पर उनकी भाषा अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी ओसामा बिन लादेन जैसी प्रतीत होती है।" राणे ने साफ किया कि बीजेपी कभी भी भगवान राम को चुनावी मुद्दा नहीं मानती, बल्कि वे राष्ट्र की आस्था के केंद्र हैं।
उद्धव ठाकरे के मुख्यमंत्री काल का जिक्र करते हुए नितेश राणे ने गंभीर आरोप लगाए कि अघाड़ी सरकार के समय जानबूझकर हिंदू त्योहारों और मंदिरों को बंद रखा गया था। उन्होंने कहा, "अब अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन वापस पाने के लिए उद्धव ठाकरे महाआरती और राम रक्षा स्तोत्र पढ़ने का नाटक कर रहे हैं, लेकिन कोई भी
देवी-देवता उन्हें आशीर्वाद नहीं देंगे क्योंकि उनका राजनीतिक 'धर्मांतरण' हो चुका है।
उनका भगवान राम से कोई वास्तविक नाता नहीं है। वे (उद्धव) अब जिस भी मंदिर का दौरा करें, उनके जाने के बाद उस परिसर को गंगाजल या गोमूत्र से शुद्ध किया जाना चाहिए।" राणे ने यह भी तंज कसा कि ठाकरे गुट के सांसद पूर्व में केवल पीएम मोदी के चेहरे के कारण जीतकर आए थे।
इस बीच, महाराष्ट्र बीजेपी के आधिकारिक प्रवक्ता राम कुलकर्णी ने भी उद्धव ठाकरे के हिंदुत्व और उनके नैतिक अधिकारों पर बड़े सवाल खड़े किए। कुलकर्णी ने कहा, "मुख्यमंत्री रहते हुए जिन्होंने हनुमान चालीसा और राम रक्षा स्तोत्र का पाठ करने वाले सच्चे रामभक्तों को जेल की सलाखों के पीछे डाल दिया था, उन्हें आज इस विषय पर आंदोलन करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।"
अयोध्या मंदिर में चोरी की हालिया घटना पर कुलकर्णी ने स्पष्ट किया कि पुलिस प्रशासन स्वायत्तता से अपनी जांच कर रहा है और दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि उद्धव ठाकरे की 'मशाल' (पार्टी चुनाव चिन्ह) की लौ अब पूरी तरह कमजोर हो चुकी है और शिवसेना उनके प्रभाव से मुक्त हो रही है, यही वजह है कि वे अपने राजनीतिक अस्तित्व को बचाने के लिए मंदिर की घटना का राजनीतिकरण कर रहे हैं।