

Drought Relief Farmers Marathwada: शिवसेना UBT) विधायक आदित्य ठाकरे ने कहा है कि महायुति सरकार ने राज्य के 265 तहसीलों में सूखा घोषित कर दिया है।
लेकिन यह घोषणा सिर्फ कागजों पर नहीं रहना चाहिए बल्कि इसका लाभ हर प्रभावित किसान तक पहुंचना चाहिए। आदित्य ने यह बात शनिवार को मराठवाडा दौरे पर मीडिया से बातचीत में कही।
आदित्य ठाकरे मराठवाड़ा के सूखा प्रभावित इलाकों का दौरा कर किसानों से संवाद कर रहे हैं और उनकी समस्याओं को समझने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी लंबे समय से महाराष्ट्र में सूखा घोषित करने की मांग कर रही थी।
उनके मुताबिक, सरकार ने सूखे की घोषणा करने में देरी की है। अब घोषणा के बाद प्रभावित किसानों तक समय पर राहत और जरूरी सहायता पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।
आदित्य ठाकरे अपने दो दिवसीय मराठवाड़ा दौरे के दौरान कई सूखा प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेंगे। इस दौरान वे सोलापुर, धाराशिव, लातूर, नांदेड़, हिंगोली, परभणी, जालना और छत्रपति संभाजीनगर समेत अन्य जिलों का दौरा करेंगे।
ठाकरे किसानों से सीधे संवाद कर सूखे के कारण पैदा हुई समस्याओं और फसल नुकसान की जानकारी लेंगे। साथ ही, वे किसानों की मांगों और मौजूदा परिस्थितियों को समझने का प्रयास करेंगे। दौरे के दौरान स्थानीय स्तर पर किसानों से बातचीत भी करेंगे।
आदित्य ठाकरे ने कहा कि मौजूदा सूखे की गंभीर स्थिति में राजनीतिक मतभेदों को अलग रखकर प्रभावित किसानों की मदद करना जरूरी है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों से किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता देने की अपील की।
ठाकरे के मुताबिक, सूखे से प्रभावित किसानों को तत्काल राहत, आर्थिक सहायता और जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में किसानों के हित में सामूहिक प्रयास किए जाने चाहिए, ताकि उन्हें राहत मिल सके।
आदित्य ने चेतावनी दी कि मौजूदा सूखे की स्थिति का असर सिर्फ खेती-बाड़ी के सेक्टर तक ही सीमित नहीं रहेगा। बल्कि शहरी इलाकों पर भी इसका असर होगा।