मिसिंग लिंक पर सुरक्षा नियम भूली एनसीपी नेता, क्या पुलिस काटेगी चालान? देखें वायरल वीडियो
Seat Belt Violation: एनसीपी नेता रूपाली पाटिल ठोंबरे का मिसिंग लिंक रोड पर बिना सीट बेल्ट वाला वीडियो वायरल। सोशल मीडिया पर लोगों ने पुलिस के दोहरे बर्ताव और वीआईपी कल्चर पर सवाल उठाए।
- Written By: गोरक्ष पोफली
एनसीपी नेता रूपाली पाटिल ठोंबरे (सोर्स: डिजाइन फोटो)
Rupali Patil Violates Traffic Rules: महाराष्ट्र में यातायात नियमों को लेकर एक बार फिर दोहरा मापदंड चर्चा का विषय बन गया है। हाल ही में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की फायरब्रैंड नेता रूपाली पाटिल ठोंबरे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के नवनिर्मित मिसिंग लिंक (Missing Link) पर सफर करती नजर आ रही हैं। इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि रूपाली पाटिल गाड़ी की अगली सीट (को-ड्राइवर सीट) पर बैठी हैं, लेकिन उन्होंने सुरक्षा का सबसे बुनियादी नियम सीट बेल्ट नहीं लगाया है।
क्या है पूरा विवाद?
पुणे-मुंबई के बीच यात्रा का समय कम करने के लिए बनाए गए मिसिंग लिंक प्रोजेक्ट की चर्चा इन दिनों पूरे देश में है। इसी शानदार सड़क का अनुभव लेने के लिए रूपाली पाटिल वहां से गुजर रही थीं। उन्होंने खुद इस यात्रा का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया। वीडियो में वह सड़क की सुंदरता और इंजीनियरिंग की तारीफ करती दिख रही हैं, लेकिन नेटिजन्स की नजर उनकी लापरवाही पर टिक गई। हाई-स्पीड कॉरिडोर पर बिना सीट बेल्ट के यात्रा करना न केवल खतरनाक है, बल्कि मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) का खुला उल्लंघन भी है।
आम को चालान, खास को सलाम? मिसिंग लिंक पर सुरक्षा नियम भूल गईं रूपाली पाटिल ठोंबरे। कुछ ही दिन पहले इसी रोड पर रुककर सेल्फी लेने वाले आम लोगों पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की थी, क्या इस मामले में पुलिस चालान काटेगी?@PuneCityTraffic @Dev_Fadnavis pic.twitter.com/SZPbbbqAIq — Goraksha Pophlee (@PophleeGor51025) May 6, 2026
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कानून सबके लिए समान क्यों नहीं?
इस वीडियो के सामने आने के बाद आम नागरिकों ने पुलिस प्रशासन और सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए हैं। सोशल मीडिया पर यूजर्स का कहना है कि कुछ ही दिन पहले इसी रोड पर रुककर सेल्फी लेने वाले आम लोगों पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की थी और उनके चालान काटे थे। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या नियम केवल आम आदमी की जेब ढीली करने के लिए हैं?
नेताओं को सार्वजनिक जीवन में रोल मॉडल माना जाता है। जब कोई जनप्रतिनिधि खुद हाई-स्पीड रोड पर सुरक्षा नियमों की अनदेखी करता है, तो यह समाज में गलत संदेश भेजता है। लोगों ने पुलिस को टैग करते हुए पूछा है कि क्या रूपाली पाटिल पर भी वही जुर्माना लगाया जाएगा जो एक आम नागरिक पर लगाया जाता?
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सुरक्षा नियमों की अनदेखी पड़ सकती है भारी
विशेषज्ञों के अनुसार, मिसिंग लिंक जैसे एक्सप्रेसवे पर गाड़ियां 100-120 किमी/घंटा की रफ्तार से चलती हैं। ऐसे में सीट बेल्ट न लगाना किसी बड़े हादसे को न्योता देने जैसा है। मोटर वाहन कानून के अनुसार, वाहन की अगली सीट पर बैठे यात्री के लिए सीट बेल्ट अनिवार्य है।
इस मामले में अब तक स्थानीय पुलिस या आरटीओ (RTO) की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। अब देखना यह होगा कि क्या प्रशासन इस वीडियो का संज्ञान लेकर कोई निष्पक्ष कार्रवाई करता है या नेताओं को छूट का सिलसिला जारी रहेगा।
