

Mumbai Manhole Accident: मुंबई में मानसून की पहली ही मूसलाधार बारिश ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका के दावों और मानसून-पूर्व तैयारियों की कलई खोलकर रख दी है। जलभराव की स्थिति का जायजा लेने और जमीनी कार्यों का निरीक्षण करने निकले खुद बीएमसी के एक अधिकारी के खुले मॅनहोल में पैर फिसलकर गिरने की चौंकाने वाली घटना के बाद अब यह मुद्दा पूरी तरह गर्मा गया है। ये घटना मुंबई महापौर की मौजूदगी में हुई।
इस गंभीर लापरवाही को लेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरदचंद्र पवार) पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता और युवक मुंबई अध्यक्ष एड. अमोल मातेले पालिका के ठेकेदारों और प्रशासन पर बुरी तरह भड़क गए हैं। मातेले ने आरोप लगाया कि मुंबई की सड़कें और खुले मॅनहोल अब आम जनता और यहां तक कि सुरक्षा का मुआयना करने वाले अधिकारियों के लिए भी 'मौत के कुएं' बनते जा रहे हैं।
एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए एड. अमोल मातेले ने बीएमसी की कार्यप्रणाली और कड़ा रुख अपनाते हुए ठेकेदारों को सीधे तौर पर कटघरे में खड़ा किया। मातेले ने कहा, "यह बेहद शर्मनाक और डराने वाली बात है कि जिस महानगरपालिका का बजट हजारों करोड़ों का है, वहां एक अधिकारी ही खुले मॅनहोल का शिकार हो जाता है। जब बृहन्मुंबई महानगरपालिका के खुद के ऑन-ड्यूटी अधिकारी इस अव्यवस्था के कारण सुरक्षित नहीं हैं, तो सड़कों पर पैदल चलने वाले आम मुंबईकरों की सुरक्षा पूरी तरह से भगवान भरोसे है। ठेकेदारों की घोर लापरवाही के कारण ही आज मुंबई की यह दुर्दशा हुई है।"
ठेकेदारों और पालिका अधिकारियों के कथित नेक्सस (गठजोड़) पर तीखा हमला बोलते हुए राष्ट्रवादी कांग्रेस के नेता ने कहा कि हर साल मानसून से पहले नालों की गाद निकालने, सड़कों को गड्ढा मुक्त करने और मॅनहोल पर सुरक्षा जाली (प्रोटेक्टिव ग्रिल) लगाने के नाम पर करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाए जाते हैं। लेकिन वास्तविकता यह है कि भ्रष्ट ठेकेदारों ने सत्ताधारियों के संरक्षण में केवल कागजी खानापूर्ति की है। जमीनी स्तर पर कोई ठोस काम नहीं हुआ, जिसके चलते पहली ही बारिश में मॅनहोल के ढक्कन गायब और खुली नालियां लोगों की जान के दुश्मन बन गए हैं।
इस हादसे को ठेकेदारों की आपराधिक लापरवाही करार देते हुए अमोल मातेले ने सरकार और बीएमसी कमिश्नर से तुरंत कड़े कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि मानसून से पहले जिन भी ठेकेदारों को संबंधित वॉर्डों में मॅनहोल की मरम्मत और नाला सफाई का जिम्मा दिया गया था, उनकी तत्काल उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार ठेकेदारों के लाइसेंस तुरंत रद्द किए जाएं, उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जाए और उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर जेल भेजा जाए। मातेले ने चेतावनी दी है कि यदि बीएमसी ने तत्काल सभी खुले मॅनहोल को बंद नहीं किया, तो शरद पवार गुट के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर तीव्र आंदोलन करेंगे।