

Parth Pawar Chhagan Bhujbal Row News: महाराष्ट्र महायुति सरकार में शामिल राकां (अजीत पवार गुट) में सत्ता की मलाई के लिए आंतरिक संघर्ष थमने का नाम नहीं ले रहा।
पहले प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे से टकराव के बाद अब सांसद पार्थ पवार और वरिष्ठ नेता व मंत्री छगन भुजबल के बीच टेंडर को लेकर तीखी नोकझोंक की खबरें सामने आई हैं।
पार्थ पवार और छगन भुजबल के बीच हुए कथित विवाद के बाद शुक्रवार को 'देवगिरी बंगले' पर राकां (अजीत पवार) कोर कमेटी की आपातकालीन बैठक बुलाई गई। दावा किया जा रहा है कि एक दूसरी बैठक में पार्थ-भुजबल विवाद की ही गूंज सुनाई दी।
सूत्रों के हवाले से आई रिपोटों में दावा किया गया है कि पार्थ पवार, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के परिवहन टेंडर किसी खास ठेकेदार को दिलाना चाहते थे इसलिए उन्होंने उस ठेकेदार को भुजबल के पास भेजा था। लेकिन भुजबल ने उस ठेकेदार को टेंडर देने से साफ मना कर दिया और सवाल किया कि बिना पात्रता के किसी विशेष को ठेका क्यों दिया जाए? सूत्रों के अनुसार इसी बात पर दोनों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। भुजबल ने कथित तौर पर कहा कि आज तक पार्टी के किसी वरिष्ठ नेता ने उन पर इस तरह का दबाव नहीं डाला था।
भुजबल ने किसी विवाद से साफ इनकार किया। उन्होंने कहा कि टेंडर की प्रक्रिया ऑनलाइन और पूरी तरह पारदर्शी है, जो पात्र होगा उसे ही काम मिलेगा। पार्थ पवार ने भी विवाद को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि उनके बारे में जानबूझकर गलत खबरें फैलाई जा रही हैं और उन्होंने किसी सरकारी काम में हस्तक्षेप नहीं किया।
राकां नेता उमेश पाटिल ने मीडिया से कहा कि पार्थ पवार और राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनेत्रा पवार पिछले तीन दिनों से दिल्ली में पार्टी संगठन मजबूत करने की बैठकों में व्यस्त हैं। उन्होंने मीडिया पर सूत्रों के आधार पर एकतरफा खबरें चलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि बिना पुख्ता सबूत के ऐसी रिपोटिंग उचित नहीं है।