बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश पर एनसीबी अधिकारी के खिलाफ एफआईआर, गंभीर आरोपों से हड़कंप

Bombay High Court के निर्देश पर एनसीबी के जोनल डायरेक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। परिवार ने छापे के बाद करोड़ों की मांग और धमकी के आरोप लगाए, जिससे मामला गंभीर हो गया है।
Bombay High Court Relief Teachers BLO Duty
बॉम्बे हाई कोर्ट (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Navi Mumbai Raid Controversy Case: मुंबई हाई कोर्ट के निर्देशानुसार नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के जोनल डायरेक्टर अमित घवाटे के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। मामला पिछले साल का है, जब एनसीबी की एक टीम ने नवी मुंबई स्थित एक आवास पर छापा मारा था।

छापे के बाद पीड़ित परिवार ने गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि एनसीबी के वरिष्ठ अधिकारियों ने उनसे 10 से 15 करोड़ रुपये की मांग की थी। आरोप यह भी लगाया गया कि अगर पैसा नहीं दिया गया तो उन्हें झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी गई थी।

बढ़ते दबाव और कथित धमकियों के बीच, पीड़ित ने कथित तौर पर अपने घर पर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। इस घटना ने व्यापक आक्रोश पैदा किया और न्यायिक हस्तक्षेप की मांग उठाई गई।

एनसीबी मुंबई ने स्पष्टीकरण जारी किया

अदालत के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने अमित घवाटे के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। घवाटे ने समीर वानखेडे के बाद एनसीबी के जोनल डायरेक्टर का पदभार संभाला था।

एफआईआर दर्ज होने के बाद एनसीबी मुंबई ने स्पष्टीकरण जारी किया है। एजेंसी ने बताया कि जनवरी 2025 में उसने बेलापुर से कोकीन और अन्य मादक पदार्थ जब्त किए थे और उसके बाद जुलाई 2025 में एनडीपीएस अधिनियम के तहत शिकायत दर्ज की थी। मामले के कथित सरगना नवीन गुरुनाथ चिचकर को मलेशिया से प्रत्यर्पित कर गिरफ्तार किया गया। एनसीबी ने आगे बताया कि इस मामले में कुल नौ गिरफ्तारियां की गईं।

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