चुनाव प्रचार के आखिरी दिन नवाब मलिक का राज ठाकरे पर बड़ा हमला, बोले- नफरत की राजनीति कर रही MNS और भाजपा

Nawab Malik Statement: एनसीपी नेता नवाब मलिक ने बीएमसी चुनाव प्रचार के आखिरी दिन राज ठाकरे और बीजेपी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि नफरत और ध्रुवीकरण के मुद्दों से चुनाव नहीं जीता जा सकता।
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नवाब मलिक व राज ठाकरे (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Nawab Malik On Raj Thackeray: मुंबई नगर निगम चुनाव के प्रचार के आखिरी दिन राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता नवाब मलिक ने विपक्षी दलों पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने राज ठाकरे की 'विभाजनकारी' राजनीति और चुनाव में उठाए जा रहे धार्मिक मुद्दों की आलोचना की। मलिक ने विश्वास जताया कि मुंबईकर ध्रुवीकरण को नकार कर एकजुटता को चुनेंगे।

नफरत और बंटवारे की राजनीति पर पलटवार

एनसीपी नेता नवाब मलिक ने उत्तर भारतीयों को लेकर एमएनएस (MNS) प्रमुख राज ठाकरे की टिप्पणी पर कड़ा ऐतराज जताया है। मलिक ने कहा कि राजनीति घृणा, नफरत और बंटवारे के दम पर नहीं की जा सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि राज ठाकरे ने पहले मराठी मानुष की बात करके उत्तर भारतीयों और फिर दक्षिण भारतीयों को निशाना बनाने का प्रयास किया। जब वह राजनीति सफल नहीं हुई, तो वे अब मुस्लिमों के खिलाफ आक्रामक हो रहे हैं। मलिक के अनुसार, राज ठाकरे यह समझने में विफल रहे हैं कि राजनीतिक जमीन पर खड़े होने के लिए किन वास्तविक मुद्दों को उठाया जाना चाहिए।

चुनाव में ध्रुवीकरण और 'बॉम्बे' विवाद

एनसीपी नेता मलिक ने बीजेपी नेता के. अन्नामलाई द्वारा 'बॉम्बे' नाम के इस्तेमाल पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने तर्क दिया कि जैसे मद्रास का नाम चेन्नई हुआ, वैसे ही मुंबई का नामकरण भी कानूनी रूप से हुआ है, इसलिए इस पर विवाद करना ठीक नहीं है। बीएमसी चुनावों में उठाए जा रहे 'जय श्रीराम', 'बुर्का' और 'बांग्लादेश' जैसे मुद्दों पर उन्होंने कहा कि ये सभी प्रयास केवल मतदाताओं के ध्रुवीकरण के लिए किए जा रहे हैं। उनके अनुसार, बीजेपी, शिवसेना (यूबीटी) और एमएनएस जैसे दल केवल लोगों की भावनाओं से खेल रहे हैं, लेकिन नतीजे दिखाएंगे कि ये मुद्दे विफल रहे हैं।

मुंबई के विकास में सबका योगदान

नवाब मलिक ने जोर देकर कहा कि मुंबई की पहचान किसी एक समूह तक सीमित नहीं है। मुंबई के विकास में मराठी मानुष के साथ-साथ सभी जाति, धर्म और प्रांत के लोगों का योगदान है। उन्होंने कहा कि शहर में रहने वाला एक बड़ा वर्ग इन विभाजनकारी बातों से प्रभावित नहीं हो रहा है और वे ऐसी विचारधारा चाहते हैं जो सबको एकजुट रखे।

प्रचार के अंतिम दिन जीत का भरोसा

मंगलवार, 13 जनवरी को चुनाव प्रचार के आखिरी दिन मलिक ने बताया कि एनसीपी उम्मीदवार हर जगह अपनी पूरी ताकत झोंक रहे हैं। शाम 5 बजे प्रचार खत्म होने के बाद, उन्हें पूरा विश्वास है कि एनसीपी उम्मीदवार बड़े पैमाने पर जीत दर्ज करेंगे।

मुंबई की यह विविध संस्कृति एक गुलदस्ते की तरह है, जहां हर रंग और किस्म का फूल मिलकर इसकी खूबसूरती बढ़ाता है; किसी एक रंग को हटाने से इसकी पहचान अधूरी रह जाएगी।

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