20 साल पुराना विवाद खत्म! सांसद नरेश म्हस्के की बैठक में बड़ा फैसला; जानें किन स्टेशनों की सुधरेगी सूरत?

Navi Mumbai Stations Transfer: नवी मुंबई के रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प होगा। सिडको 6 महीने में सभी स्टेशन मध्य रेलवे को ट्रांसफर करेगी। सांसद नरेश म्हस्के की बैठक में हुआ फैसला।
20-Year-Old Dispute Resolved! Major Decision Taken at MP Naresh Mhaske's Meeting; Find Out Which Stations Are Set to Get a Facelift
सांसद नरेश म्हस्के (सोर्स: फाइल फोटो)
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Navi Mumbai Stations Transfer Update: रेलवे और सिडको के संयुक्त सहयोग से 20 साल पहले बने नवी मुंबई के जर्जर हो चुके स्टेशनों के कायाकल्प का मार्ग खुल गया है। नवी मुंबई के स्टेशनों की दुरुस्ती एवं पुनर्निर्माण की जिम्मेदारी मध्य रेलवे की होगी। सिडको एवं मध्य रेल प्रशासन के बीच उचित तालमेल की कमी के कारण, नवी मुंबई के रेल यात्रियों को पिछले कई सालों से बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। 20 साल पहले बनाए गए कई रेलवे स्टेशनों की हालत खराब हो चुकी है। यात्रियों को होने वाली इस समस्या को लेकर सांसद नरेश म्हस्के ने दोनों विभागों के अधिकारियों के बीच तालमेल बिठाते हुए समाधान निकालने की अपील रेल मंत्री से भी की थी

हुई उच्चस्तरीय बैठक

इस मामले में शुक्रवार को मध्य रेल के मुख्यालय सीएसएमटी पर सांसद नरेश म्हस्के ने वरिष्ठ रेल अधिकारियों के साथ बैठक की। बताया गया कि इस मीटिंग में पॉजिटिव बातचीत के बाद, रेलवे प्रशासन ने अगले 6 महीनों में सिडको के अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी स्टेशनों को रेलवे को ट्रांसफर करने, प्री-मानसून काम करने के साथ रोजमर्रा की साफसफाई आदि को लेकर सहमति जताई है।

रखरखाव का मुद्दा बैठक में कई बार उठाया

सांसद नरेश म्हस्के ने नवी मुंबई इलाके के रेलवे स्टेशनों की खराब हालत और वहां अपर्याप्त यात्री सुविधाओं के बारे में लगातार शिकायतें मिल रही थीं। सांसद नरेश म्हस्के ने इन समस्याओं पर ध्यान दिया था। सांसद नरेश म्हस्के ने दिल्ली में हुई रेलवे की कमेटी की मीटिंग में बार-बार यह मुद्दा उठाया था। उन्होंने बताया था कि स्टेशनों की खस्ताहाल हालत, मेंटेनेंस की कमी और सेफ्टी के मुद्दों के कारण आम यात्रियों को बहुत परेशानी होती है।

मेंटेनेंस कांट्रैक्ट समाप्त, लेकिन नया कांट्रैक्ट साइन नहीं

नवी मुंबई में हार्बर मार्ग पर वाशी से बेलापुर और खारघर से खंडेश्वर स्टेशनों के मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्ट 2003 और 2008 में खत्म हो गए थे। तब से कोई नया कॉन्ट्रैक्ट साइन नहीं हुआ है। हैरानी की बात यह है कि ऐरोली, रबाले, घनसोली, कोपरखैरने, तुर्भे, बामणडोंगरी, खारकोपर और खारघर स्टेशनों के लिए आज तक एक भी मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्ट साइन नहीं हुआ है। सांसद नरेश म्हस्के के इन समस्याओं की ओर ध्यान दिलाने के बाद, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसे गंभीरता से लिया और रेलवे प्रशासन को इस मुद्दे को तुरंत हल करने का निर्देश दिया।

शुक्रवार को मीटिंग में सिडको की तरफ से संयुक्त प्रबंध निदेशक डॉ. राजा दयानिधि और दूसरे अधिकारी, सेंट्रल रेलवे के सीनियर प्रिंसिपल चीफ इंजीनियर रजनीश माथुर, चीफ इंजीनियर नवीन पाटिल सहित अन्य अधिकारियों ने नवी मुंबई के पुराने स्टेशनों पर सुविधाओं को लेकर सहमति जताई।

इस दौरान नवी मुंबई शिवसेना जिला प्रमुख द्वारकानाथ भोईर, पूर्व डिप्टी मेयर रमाकांत म्हात्रे, कॉर्पोरेटर अनिकेत म्हात्रे, भावेश पाटिल, ज्ञानेश्वर जाधव, दिनेश जाधव भी उपस्थित थे। सांसद नरेश म्हस्के ने कहा कि आने वाले दिनों में नवी मुंबई के स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं को लेकर बदलाव दिखेगा।

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