प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Navi Mumbai Drugs Smuggling Case: नवी मुंबई को नशे की गिरफ्त से आजाद कराने के लिए पुलिस आयुक्त मिलिंद भारंबे का ‘ड्रग-फ्री नवी मुंबई’ अभियान अब एक्शन मोड में है। लेकिन इस कार्रवाई के बीच एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। ड्रग माफिया अब पुलिस से बचने के लिए नाबालिग बच्चों का इस्तेमाल ‘कैरियर’ के रूप में कर रहे हैं। ताजा मामला वाशी इलाके का है, जहां पुलिस ने एक नाबालिग को हिरासत में लिया है।
वाशी पुलिस की टीम बुधवार को वाशी प्लाजा इलाके में नियमित गश्त पर थी। इसी दौरान दो युवक प्राइवेट टैक्सी का इंतजार करते दिखे। पुलिस की गाड़ी देखते ही उनमें से एक युवक मौके से फरार हो गया। उसकी पहचान अक्षय के रूप में हुई है। आरोपी के अचानक भागने से पुलिस का शक गहरा गया। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए दूसरे युवक को घेराबंदी कर पकड़ लिया।
हिरासत में लिए गए युवक के सामान की जब तलाशी ली गई, तो पुलिस की आंखें फटी रह गईं। युवक के पास मौजूद 11 बैगों को बड़ी ही चालाकी से एडहेसिव टेप से सील किया गया था। जब इन्हें खोला गया, तो उसमें से कुल 10 किलो 130 ग्राम गांजा बरामद हुआ। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत 12 लाख 66 हजार 450 रुपये आंकी गई है। पुलिस ने जब कागजात और उम्र की जांच की, तो पता चला कि पकड़ा गया आरोपी नाबालिग है।
अब तक नाबालिगों के ड्रग लेने के कई मामले सामने आए है। हालांकि, ड्रग ट्रैफिकिंग के मामले में ऐसा कोई नाबालिग नहीं मिला, जिसने सारी कार्रवाई खुद की हो, लेकिन गुरुवार को की गई कार्रवाई में वाशी पुलिस ने गांजा तस्करी के आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो नाबालिग बताया गया है।
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नवी मुंबई के तत्कालीन पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने ड्रग-फ्री कैंपेन शुरू किया था, उनके बाद आए सभी आयुक्तों ने इस कैंपेन को अपने-अपने तरीके से आगे बढ़ाया, लेकिन मौजूदा पुलिस आयुक्त मिलिंद भारंबे ने ड्रग फ्री नवी मुंबई कैंपेन को बहुत गंभीरता से लिया और इसे लागू करना शुरू कर दिया। दो हफ्ते पहले कमिश्नर मिलिंद ने ड्रग-फ्री नवी मुंबई को और अच्छे से लागू करना भी शुरू कर दिया। अब उन्होंने साइबर पुलिस स्क्वॉड की तर्ज पर सभी पुलिस स्टेशनों में एक एंटी-ड्रग स्क्वॉड बनाया है। यह स्क्वॉड ड्रग्स जब्त करता है, उनकी तलाश करता है, हुए अपराधों को ट्रैक करता है, रिकॉर्ड चेक करता है। वे क्या करते हैं। इसलिए, अब पुलिस स्टेशन लेवल पर भी बड़ी कार्रवाई की जा रही है। इससे ड्रग ट्रैफिकिंग का डर बढ़ गया है।