स्लम-मुक्त मुंबई और अफोर्डेबल हाउसिंग वक्त की जरूरत... नवभारत इंफ्रा कॉन्क्लेव में बोले सचिन अहिर व हीरानंदानी

Navbharat Infra Conclave: नवभारत इंफ्रा एंड रियल्टी कॉन्क्लेव में सचिन अहिर व डॉ. निरंजन हीरानंदानी ने स्लम-मुक्त मुंबई, अफोर्डेबल-रेंटल हाउसिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर दिए अहम सुझाव।
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नवभारत इंफ्रा कॉन्क्लेव का मंच(सोर्स: नवभारत फोटो)
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Navbharat Infra Conclave Sachin Ahir Niranjan Hiranandani: बुधवार को नवभारत मीडिया समूह की ओर से पांच सितारा होटल ताज प्रेसिडेंट में आयोजित ‘नवभारत इन्फ्रा एंड रियल्टी कॉन्क्लेव ’ को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुए सचिन अहिर ने कहा कि विकसित भारत और विकसित महाराष्ट्र के सपने को साकार करने के लिए देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के हर हिस्से का समग्र विकास जरूरी है। विकास की प्रक्रिया में आम नागरिक, किरायेदार और मुंबईकरों के हितों को मानवीय दृष्टिकोण से प्राथमिकता देनी होगी। निजी डेवलपर्स को भी सरकार के साथ मिलकर इस दिशा में आगे आना चाहिए।

उन्होंने कहा कि आम तौर पर किसी भी शहर में पहले बुनियादी ढांचे का विकास होता है और उसके बाद शहर का विस्तार होता है, लेकिन मुंबई इसका अपवाद है। यहां पहले शहर बसा और उसके बाद बुनियादी सुविधाओं का विकास शुरू हुआ। अब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के मार्गदर्शन में मुंबई में बुनियादी ढांचे के विकास को गति दी जा रही है।

किफायती आवास जरूरी

उन्होंने कहा कि मुंबई जैसे शहर में अपना घर होना हर व्यक्ति का सपना है। इस सपने को पूरा करने के लिए किफायती आवास के साथ किराये के मकानों की व्यवस्था भी जरूरी है। सचिन अहिर ने बताया कि वर्ष 2014 में जब वे आवास मंत्री थे, तब किराये के मकानों की योजना शुरू की गई थी, लेकिन उस समय इसे अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिली। अब बदलती परिस्थितियों को देखते हुए इस योजना को फिर से गति देने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि म्हाडा भी अब निजी डेवलपर्स की तर्ज पर पुनर्विकास परियोजनाओं में सक्रिय भूमिका निभा रहा है और निवासियों से सीधे संपर्क कर रहा है। बीडीडी चॉल के निवासियों को सरकार द्वारा 500 वर्गफुट का घर उपलब्ध कराना ऐतिहासिक कदम है। इसी तर्ज पर कामाठीपुरा, अभ्युदयनगर, उमरखाड़ी और शिवाजीनगर जैसे इलाकों के विकास पर भी काम किया जा रहा है।

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सचिन अहिर(सोर्स: नवभारत फोटो)

वन विंडो मंजूरी पर जोर

डेवलपर्स के सामने मंजूरियों से जुड़ी समस्याओं का उल्लेख करते हुए उपसभापति सचिन अहिर ने कहा कि सरकार वन विंडो अप्रूवल की व्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास कर रही है। संबंधित संस्था को ही मंजूरी देने वाली प्राधिकरण के रूप में सक्षम बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुंबई में करीब 16 हजार उपकर प्राप्त इमारतें हैं और इनके पुनर्विकास को भी प्राथमिकता से देखना होगा।

क्लस्टर से आएगी अफोर्डेबिलिटी

उपसभापति सचिन अहिर ने कहा कि किफायती हाउसिंग के लिए ही उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की पहल पर क्लस्टर योजना शुरू की गई। इससे बड़े पैमाने पर आम लोगों को किफायती आवास उपलब्ध होंगे। फिलहाल सप्लाई और डिमांड में काफी अंतर है। उन्होंने कहा कि अफोर्डेबल हाउसिंग की परिभाषा बदलनी होगी।

उपसभापति सचिन अहिर ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस एवं उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में मुंबई सहित राज्य भर में इंफ्रास्ट्रक्चर का काम तेज गति से हो रहा है। विकास की नीतियों में बदलाव हुआ है।

उन्होंने कहा कि राज्य व केंद्र

सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करती है लेकिन हाउसिंग सेक्टर में निजी क्षेत्र ही बड़ा योगदान दे सकते हैं। मुंबई और महाराष्ट्र को विकसित करने के लिए सभी संस्थाओं एक साथ आना होगा। सामाजिक हेतु से सरकार काम कर रही है। आम आदमी का हित पहले है। सामान्य नागरिक को ध्यान में रखते हुए निजी विकासक और सरकार काम कर रही है।

अफोर्डेबल हाउसिंग की घटती ग्रोथ चिंताजनक : हिरानंदानी

विशेष अतिथि के रूप में कॉनक्लेव को संबोधित करते हुए नरेडको के नेशनल चेयरमैन और हिरानंदानी ग्रुप के एमडी निरंजन हिरानंदानी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में देश ने तेज आर्थिक और बुनियादी विकास किया है। देश की विकास दर 7.8 प्रतिशत तक पहुंची है। उन्होंने कहा कि मुंबई में पिछले पांच वर्षों में बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में करीब तीन लाख करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। आने वाले दो वर्षों में लगभग 300 किलोमीटर मेट्रो नेटवर्क विकसित होने की उम्मीद है। दूसरा एयरपोर्ट शुरू हो चुका है, जबकि तीसरे एयरपोर्ट की दिशा में भी तैयारी चल रही है। बुलेट ट्रेन परियोजना भी जल्द शुरू होने की उम्मीद है।

डॉ हिरानंदानी ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अगले 10 वर्षों में मुंबई को झोपड़पट्टी मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है। हालांकि, इस तेज विकास के बीच किफायती घरों की उपलब्धता में कमी चिंता का विषय है। पिछले दो वर्षों में किफायती आवास की संख्या करीब 20 प्रतिशत कम हुई है। जबकि रियल एस्टेट की तरक्की 12 से 13 प्रतिशत बढ़ी है। इसे देखते हुए सरकार को कोविड काल की तरह स्टांप ड्यूटी और डेवलपमेंट चार्ज में राहत देने जैसे कदम उठाने चाहिए।

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डॉ. निरंजन हिरानंदानी(सोर्स: नवभारत फोटो)

रेंटल हाउसिंग बढ़ाएं

उन्होंने सरकार को सुझाव देते हुए कहा कि किफायती घरों के साथ किराये के मकानों की संख्या बढ़ाना भी जरूरी है। अमेरिका जैसे विकसित देश में करीब 50 प्रतिशत लोग किराये के घरों में रहते हैं। भारत में भी छात्रों, औद्योगिक श्रमिकों और अन्य कामकाजी लोगों के लिए बड़े पैमाने पर किराये के आवास विकसित करने की आवश्यकता है।

डॉ निरंजन हीरानंदानी ने कहा कि सचिन अहिर जैसे यूथ और विजनरी नेताओं का योगदान महत्वपूर्ण है। डॉ हीरानंदानी ने देश और राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट की तारीफ करते हुए कहा कि आज विपरित वैश्विक परिस्थितियों में पीएम मोदी के नेतृत्व में देश की अर्थव्यवस्था आगे बढ़ रही है। हर दिन चायना से ज्यादा रोड बना रहे हैं। मुंबई में तो पिछले

5 साल में 3 लाख करोड़ का इन्वेस्टमेंट हुआ है। 300 किमी मेट्रो लाइन कम्प्लीट हो रही है। दूसरा एयरपोर्ट बन कर तैयार और तीसरे की योजना बनी है। अकेले मुंबई 1 ट्रिलियन डॉलर की क्षमता रखती है। डॉ निरंजन हीरानंदानी ने कहा कि राज्य सरकार स्लम मुक्त मुंबई पर काम कर रही है,जो 10 से 15 साल में संभव है। इस मामले में क्रांतिकारी परिवर्तन होने की जरूरत है। इसके लिए ब्यूरोक्रेसी की सराहना करनी होगी।

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नवभारत इंफ्रा कॉन्क्लेव के दौरान(सोर्स: नवभारत फोटो)

सचिन अहिर एवं डॉ निरंजन हीरानंदानी के हाथों हुआ सम्मान

इस अवसर पर रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में उल्लेखनीय कार्य करने वालों का सम्मान उपसभापति सचिन अहिर एवं डॉ निरंजन हीरानंदानी के हाथों किया गया। नवभारत के मुख्य परिचालन अधिकारी श्रीनिवास राव ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में स्वागत भाषण नवभारत के समूह संपादक संजय तिवारी ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन नवराष्ट्र के संपादक संजय मलमे ने किया।

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