

Ashok Kharat Case: शिर्डी के बहुचर्चित जमीन धोखाधड़ी और अवैध साहूकारी मामले में मुख्य आरोपी भोंदू अशोक खरात की पुलिस हिरासत आज समाप्त हो रही है। पिछले चार दिनों से शिर्डी पुलिस की कड़ी पूछताछ का सामना कर रहे खरात के तेवर अभी भी कम नहीं हुए हैं। सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान जब पुलिस ने गवाहों को अशोक खरात के आमने सामने बिठाया, तो वह बुरी तरह चिढ़ गया और उसने जांच में सहयोग करने से इनकार कर दिया।
शिर्डी पुलिस ने इस मामले की तह तक जाने के लिए महत्वपूर्ण गवाहों और अशोक खरात को आमने सामने बिठाकर पूछताछ की। जैसे ही गवाहों ने उसके आर्थिक लेन-देन और जमीन हड़पने के तरीकों का खुलासा करना शुरू किया, अशोक खरात अपना आपा खो बैठा। उसने चिल्लाते हुए कहा कि उसने सभी व्यवहार कानूनी रूप से किए हैं और गवाह उसे जानबूझकर फंसाने की साजिश रच रहे हैं। हालांकि, जब पुलिस ने उससे उसकी फरार पत्नी कल्पना खरात के ठिकाने के बारे में पूछा, तो उसने पूरी तरह चुप्पी साध ली।
अशोक खरात की गिरफ्तारी के बाद शिर्डी पुलिस ने जमीन की धोखाधड़ी और अवैध साहूकारी के नेटवर्क को खंगालना शुरू कर दिया है। लेकिन सबसे बड़ी चुनौती कल्पना खरात की गिरफ्तारी बनी हुई है। एसआईटी (SIT) की टीम ने नासिक मामले में निदा खान को तो एक महीने के भीतर पकड़ लिया था, लेकिन पिछले 40 दिनों से फरार कल्पना खरात का पता लगाने में पुलिस अब तक नाकाम रही है। पुलिस को संदेह है कि अशोक खरात को उसकी पत्नी के ठिकाने की पूरी जानकारी है, लेकिन वह जानबूझकर पुलिस को गुमराह कर रहा है।
अशोक खरात की मुश्किलें अगले हफ्ते और बढ़ने वाली हैं। एसआईटी उसकी गिरफ्तारी के 60 दिनों के भीतर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी कर रही है। अब तक की गई जांच, जुटाए गए दस्तावेजी सबूतों और दर्ज किए गए गवाहों के बयानों के आधार पर यह चार्जशीट तैयार की जा रही है। अशोक खरात के खिलाफ कुल 9 मामले दर्ज हैं, जिनमें से 8 महिलाओं के खिलाफ अत्याचार और यौन शोषण से संबंधित हैं, जबकि 1 मामला गंभीर धोखाधड़ी का है।
आज दोपहर अशोक खरात को एक बार फिर राहाता न्यायालय में पेश किया जाएगा। पुलिस उसकी हिरासत बढ़ाने की मांग कर सकती है क्योंकि अभी भी कई वित्तीय लेन-देन और फरार आरोपियों का सुराग मिलना बाकी है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि न्यायालय पुलिस की दलीलों को मानकर हिरासत बढ़ाता है या आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजता है। इस मामले ने पूरे नासिक और शिर्डी क्षेत्र में सनसनी फैला रखी है, जहाँ धर्म और विश्वास की आड़ में बड़े पैमाने पर आर्थिक और शारीरिक शोषण का खेल चल रहा था।