

Maharashtra Monsoon Return: महाराष्ट्र के किसानों और आम जनता के लिए बड़ी खबर है। पिछले कुछ दिनों से सुस्त पड़ा मानसून एक बार फिर अपनी रफ्तार पकड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, गुरुवार से राज्य के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेजी से बढ़ेंगी। वहीं, 20 जुलाई के बाद पूरे महाराष्ट्र में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा, जिससे राज्यभर में मूसलाधार बारिश का नया दौर शुरू होने की प्रबल संभावना है।
जुलाई के पहले सप्ताह में हुई जोरदार बारिश के बाद महाराष्ट्र के अधिकांश हिस्सों में 4-5 दिनों तक बरसात नहीं हुई है। इसके कारण मुंबई, ठाणे, नागपुर जैसे बड़े शहरों में उमस बढ़ गई, वहीं खरीफ की बुवाई कर चुके किसानों की चिंता भी बढ़ने लगी थी।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अरब सागर में अफगानिस्तान की ओर से आने वाली हवाओं के कारण मानसून की गति प्रभावित हुई थी। अब अनुकूल मौसमीय परिस्थितियां बनने से बारिश दोबारा सक्रिय हो रही है।
मौसम विभाग ने मुंबई, पालघर, ठाणे, रायगड, रत्नागिरि और सिंधुदुर्ग के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने तथा गरज-चमक के साथ भारी बारिश होने की संभावना है।
पुणे, सातारा, कोल्हापुर, सांगली और सोलापुर में बुधवार और गुरुवार को हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। हालांकि पुणे, सातारा और कोल्हापुर के घाट क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने 17 जुलाई के बाद पुणे में वर्षा का जोर बढ़ने का अनुमान जताया है।
नंदुरबार, धुलिया, जलगांव और नासिक में गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश का अनुमान है, जबकि अहिल्यानगर में हल्की वर्षा हो सकती है। मराठवाड़ा के बीड, परभणी, नांदेड़ और हिंगोली में भी बारिश की संभावना है। छत्रपति संभाजीनगर और जालना में 16 जुलाई से वर्षा तेज हो सकती है।
विदर्भ में आज से ही मौसम में बदलाव होने की संभावना है। नागपुर में सुबह धूप खिली रही, लेकिन दोपहर 4 बजे के बाद कई इलाकों को बूंदाबांदी हुई। हालांकि मौसम विभाग ने नागपुर के लिए कोई अलर्ट जारी नहीं किया है।
वहीं विदर्भ के अकोला, अमरावती और चंद्रपुर समेत किसी भी जिले के लिए अलर्ट जारी नहीं किया गया है। हालांकि 16 जुलाई से क्षेत्र में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, 20 जुलाई के बाद महाराष्ट्र में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा और कई क्षेत्रों में भारी बारिश हो सकती है। इससे बांधों में जलस्तर बढ़ने के साथ ही बारिश के इंतजार में खड़ी खरीफ फसलों, विशेषकर सोयाबीन और कपास, को राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं किसानों पर दोबारा बुवाई का संकट भी टल सकता है।